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IIM में निदेशक नहीं और सपना वर्ल्ड क्लास संस्थान का

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:39 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)

प्रबंधन के छात्रों को प्रशिक्षण देने वाले कई भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बीते कुछ महीनों से राम भरोसे चल रहे हैं. मानव संसाधन राज्यमंत्री महेंद्रनाथ पांडेय ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि कुल 14 ऐसे भारतीय प्रबंधन संस्थान हैं जहां निदेशकों के पद खाली पड़े हैं. देश में कुल 20 आईआईएम हैं जहां प्रबंधन की पढ़ाई होती है.

इन आईआईएम में ज़रूरत

1. आईआईएम बंगलुरू 

2. आईआईएम कोझिकोड

3. आईआईएम रोहतक 

4. आईआईएम रांची

5. आईआईएम रायपुर 

6. आईआईएम उदयपुर 

7. आईआईएम तिरुचिरापल्ली 

8. आईआईएम अमृतसर 

9. आईआईएम सिरमौर 

10. आईआईएम बोध गया 

11. आईआईएम संबलपुर 

12. आईआईएम नागपुर 

13. आईआईएम विशाखापट्टनम 

14. आईआईएम जम्मू 

लंबी हो रही लिस्ट

इनमें से कई इंस्टीट्यूट्स पिछले छह महीने से बिना निदेशक के चल रहे हैं. यह लिस्ट हर महीने लंबी होती जा रही है. नवंबर 2016 तक, यह संख्या 13 थी और हाल ही में जम्मू स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में भी यह पद खाली हो गया है.

हालांकि इन 14 इंस्टीट्यूट्स में सात हाल ही में बनाए गए हैं. इनमें अमृतसर, सिरमौर, बोध गया, संबलपुर, नागपुर, विशाखापट्टनम और जम्मू स्थित आईआईएम शामिल हैं. सभी नए सातों आईआईएम को एक-एक पुराने आईआईएम से अटैच किया गया था ताकि शुरुआती दिनों में पुराने आईआईएम की देखरेख ये ढंग से चल पाएं. अभी तक नए संस्थानों की देखरेख भी पुराने आईआईएम के निदेशक ही कर रहे हैं. 

हालांकि मंत्रालय की ओर से की गई इस व्यवस्था को पुराने संस्थानों ने आसानी से स्वीकार नहीं किया है. दबाव को लेकर उनकी अपनी शिकायतें हैं, विशेषकर पुराने संस्थानों के टीचर को नए संस्थानों में पढ़ाने के लिए भेजने को लेकर. 

नए निदेशकों की भर्ती की बजाय सरकार जुगाड़ू अंदाज़ में इन्हें संचालित करने की कोशिश कर रही है. या तो पुराने आईआईएम के निदेशकों का कार्यकाल नए संस्थान की देखरेख करने के लिए बढ़ा दिया जाता है या फिर वरिष्ठ संकाय सदस्य को निदेशक का अतिरिक्त पदभार दे दिया जाता है. 

नए नामों की सिफारिश

महेंद्रनाथ पांडेय ने लोकसभा को यह जानकारी भी दी है कि नए निदेशकों के लिए एक कमेटी ने नामों की सिफ़ारिश की है. फिलहाल दिए गए नामों पर सरकार विचार कर रही है. आईआईएम कोझिकोड और आईआईएम जम्मू में निदेशकों के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी निकाले गए हैं. 

सदन में यह सवाल पूछा गया था कि क्या हम अपने भारतीय प्रबंधन संस्थानों को विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थानों में तब्दील करने पर विचार कर रहे हैं? इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि बेशक हम 20 विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और शोध संस्थानों को स्थापित करने की दिशा में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान समेत सभी सार्वजनिक शिक्षण संस्थान ख़ुद को विश्वस्तरीय संस्थान में अपग्रेड करने के लिए आवेदन कर सकते हैं. 

मगर हैरत की बात तो यह है कि जब प्रबंधन संस्थानों में निदेशक के पदों पर भर्ती को लेकर इतनी लापरवाही बरती जा रही है तो ये संस्थान कैसे ख़ुद को विश्व स्तरीय संस्थान में तब्दील करने के बारे में सोच सकते हैं. दरअसल, यह सरकार के लिए सोचने का वक़्त है कि वह दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करे. निदेशकों की भर्ती और संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने की प्रक्रिया साथ-साथ चले. 

First published: 9 February 2017, 7:44 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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