Home » इंडिया » CBDT has formed committee to find out Why are the countries leaving the rich
 

क्यों बढ़ रही है देश छोड़न वाले अमीरों की तादात, जानने के लिए सरकार ने बनाई समिति

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 April 2018, 14:11 IST

लगातार देश छोड़ रहे अरबपतियों के आंकड़ों ने सरकार की नींद उड़ा दी है. सरकार को लग रहा है कि अगर देश से ऐसे ही अमीर बाहर जाते रहे तो इससे बड़ा टैक्स संकट पैदा हो जायेगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे देश से भागने वाले अरबपतियों के मामलों का अध्ययन करने के लिए एक पांच सदस्यीय समिति बनाई है.

इस समिति में केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव पद के अधिकारी शामिल हैं. सीबीडीटी ने समिति बनाते हुए कहा कि हाल में ऐसा देखा गया है कि अमीर लोग अपने देश को छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं. उसने माना कि इस तरह के माइग्रेशन से बड़ा टैक्स संबंधी रिस्क पैदा हो सकता है. अमीर लोगों के भारत छोड़कर जाने के मामले में समिति टैक्स संबंधी कई पहलुओं पर ध्यान देगी और वह इस तरह के माइग्रेशन को देखते हुए पॉलिसी बनाने की खातिर सुझाव भी दे सकती है.

इस समिति को सीबीडीटी ने कई अधिकार दिए हैं, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उच्च आय वाले लोगों जैसे नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के प्रमोटर मेहुल चोकसी और शराब व्यापारी विजय माल्या के हाल के मामलों को ध्यान में रखते हुए यह समिति बनाई गई है.

एक साल में 7000 ने छोड़ा देश 

एक रिपोर्ट की मानें तो 7,000 करोड़पति भारतीय पिछले साल देश छोड़ गए. मॉर्गन स्टेनली इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के एक अध्ययन के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में कुल 23,000 धनी भारतीय (1 मिलियन डॉलर से अधिक की शुद्ध संपत्तियों के साथ) भारत छोड़ चुके हैं. ये भारतीय ब्रिटेन, दुबई और सिंगापुर जैसे देशों में रह रहे हैं.

इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि ये करोड़पतियों की आबादी का 2.1 फीसदी है. इस संख्या का चीन से तुलना करें तो यह कहीं ज्यादा है. चीन में देश छोड़ने वाले करोड़पतियों की संख्या 1.1 फीसदी रही. क्या भारतीय समृद्ध लोग जल्द ही देश से निकल जाने की जल्दी में हैं, ताकि ज्यादा खर्च कर सकें.

First published: 6 April 2018, 14:11 IST
 
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