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सीबीआई कर सकती है राफेल सौदे की जांच, जस्टिस केएम जोसेफ रखी अलग राय

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 November 2019, 9:53 IST

राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसकी सीबीआई जांच होने से नहीं रोक पायेगा, बशर्ते एजेंसी को जांच शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व मंजूरी की जरूरत होगी. द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ ने गुरुवार को राफेल समीक्षा मामले में सुनवाई के दौरान अलग राय रखी. जस्टिस जोसेफ ने कहा ''अगर शिकायत में संज्ञेय अपराध की ओर इशारा होगा तो सीबीआई इसकी जांच कर सकती है, हालांकि इसके लिए एजेंसी को प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट की धारा 17 के तहत सरकार से स्वीकृति लेनी होगी.

जस्टिस जोसेफ ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच और समीक्षा याचिकाओं का खारिज होना दोनों अलग अलग बात है. हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रिट या रिव्यू दाखिल करना सही तरीका नहीं था. न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा कि सीबीआई ललिता कुमारी मामले में एक संविधान पीठ के फैसले से बंधी है, जिसने यह माना था कि अगर एक संज्ञेय अपराध का आयोग खुलासा करता है तो एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है.


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यदि जानकारी एक संज्ञेय अपराध का खुलासा नहीं करती है, लेकिन एक जांच के लिए आवश्यकता को इंगित करती है, तो एक प्रारंभिक जांच केवल यह पता लगाने के लिए आयोजित की जा सकती है कि संज्ञेय अपराध हुआ था या नहीं. यदि जांच एक संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है, तो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने राफेल पर फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं को खारिज कर दिया था और कहा था कि उनमें मेरिट की कमी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह द्वारा यह याचिकाएं दायर की गई थी.

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First published: 15 November 2019, 9:37 IST
 
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