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इस इनकम टैक्स अधिकारी को हुई दो साल की जेल, रिश्वत का था आरोप, आपसे कोई मांगे घूस तो करें ये काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2018, 16:28 IST

भारत में भ्रष्टाचार सालों से बड़ा मुद्दा रहा है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि किसी भी सरकारी ऑफिस में अगर आपकी फाइल अटकी हो या कोई काम हो तो ''बाबुओं'' को मनमाफिक रिश्वत देनी पड़ती है. इसी को ध्यान में रखकर जुलाई 2018 में मोदी सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट (भ्रष्टाचार रोधक कानून) में संशोधन कर कानून को कड़ा बनाया.

2 साल जेल के साथ 12,000 रुपये का जुर्माना

भ्रष्टाचार रोधक कानून के शिकंजे में इनकम टैक्स का एक ऑफिसर आ गया. आरोपी सीनियर टैक्स असिस्टेंट ने रिफंड की एक ऐप्लिकेशन क्लियर करने के लिए रिश्वत की मांग की थी और इसे स्वीकार भी किया था. सीबीआई कोर्ट में मामले की 5 साल तक सुनवाई चली इसके बाद स्पेशल सीबीआई जज एमजी देशपांडे ने आरोपी संतोष कुमार शर्मा को दोषी पाया और 2 साल जेल के साथ 12,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

उक्त आयकर अधिकारी पहले भी पुलिस हिरासत में रह चुके हैं और फ़िलहाल जमानत पर बाहर थे. संतोष के खिलाफ विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है. रिश्वत लेने का यह मामला 6 अगस्त 2013 का है. नाला-सोपारा निवासी ने सीबीआई में इनकम टैक्स रिटर्न क्लियर करने को लेकर घूस मांगने की एक शिकायत दर्ज कराई थी. दर्ज शिकायत के अनुसार, 31 जुलाई 2012 को शिकायतकर्ता ने अपनी आईटी रिटर्न जमा की थी जिसपर उसे सैलरी से टीडीएस के तौर पर काटे गए 9000 रुपये का रिफंड मिलना था.

शिकायतकर्ता ने ऐसे कराया मामला दर्ज

रिफंड की राशि वापस न मिलने पर शिकायतकर्ता ने लालबाग आयकर विभाग ऑफिस जाकर अपने समस्या के समाधान के लिए ऐप्लिकेशन दिया और आवेदन का पता करने के लिए वह दोबारा ऑफिस गए. इस बार संतोष शर्मा से उनकी मुलाकात हुई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि संतोष कुमार ने उससे 1000 रुपये की मांग की थी लेकिन उस वक्त उसके पास पैसे नहीं थे. शिकायतकर्ता आरोपी की सीनियर ऑफिसर से मिलकर रिश्वत के विषय में बताया तो अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले को बाद में देखेंगी क्योंकि आरोपी उस वक्त छुट्टी पर था.

जांच एजेंसी सीबीआई ने शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच की रिकॉर्डेड बातचीत के जरिए सत्यता की जांच की, जहां आरोपी ने शिकायतकर्ता को ऑफिस बुलाया था. दो दिन बाद आरोपी ने रिश्वत स्वीकार कर ली और रिफंड क्लियर कर दिया. इस आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और सबूत के तौर पर उसकी जेब में रिश्वत के 800 रुपये भी पकड़े गए.

First published: 24 December 2018, 16:13 IST
 
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