Home » इंडिया » CBI Director Alok Verma's petition accepted by the Supreme Court to be heard on October 26
 

CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, सरकार ने भेजा था छुट्टी पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 October 2018, 11:40 IST

सीबीआई में मचे घमासान के बीच सरकार ने सीबीआई मुखिया आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना दोनों को छुट्टी पर भेज दिया है. इसके खिलाफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट ने भी आलोक वर्मा की याचिका स्वीकार कर ली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर रखी है.

बता दें कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के भीतर बढ़ते टकराव को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को दखल देना पड़ा. कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी ने रात के तकरीबन साढ़े 11 एक आर्डर जारी किया, जिसमे आदेश दिया गया कि सीबीआई के डायरेक्टर अलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाए, इसके साथ ही विशेष डायरेक्टर राकेश अस्थाना को भी छुट्टी पर भेज दिया गया.

इन दोनों सीबीआई के अफसरों के ऑफिस सील बंद कर दिए गए हैं और दोनों से सारे अधिकार छीन लिए गए हैं. केंद्र सरकार ने एम नागेश्वर राव को फ़िलहाल अंतरिम डायरेक्टर बनाया गया है. फिलहाल इस पर अब केंद्र सरकार घिरती नजर आ रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी चीफ अरविंंद केजरीवाल ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है.

कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार ने किस नियम के तहत सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा है? कांग्रेस ने कहा कि जिस CVC ने पूरे मामले की जांच की. उसे यह अधिकार ही नहीं है.

सरकार की तरफ से जैसे ही आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने का फैसला लिया गया. तुरंत ही सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने मोदी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि आलोक वर्मा को हटाना गैर कानूनी है, इसलिए इस फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.

First published: 24 October 2018, 11:26 IST
 
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