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CBI विवाद: मोदी सरकार ही नहीं अटल सरकार में भी की जा चुकी है सीबीआई डायरेक्टर की छुट्टी

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2018, 16:26 IST

CBI में चल रहे विवाद को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला बोला है, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर डायरेक्टर आलोक वर्मा को असंवैधानिक तरीके से हटाने का आरोप लगाया है. इसे लेकर कांग्रेस सड़क पर प्रदर्शन कर रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ मोदी सरकार ही नहीं पूर्ववर्ती अटल सरकार भी सीबीआई डायरेक्टर को पद से हटा चुकी है?

बता दें कि साल 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी सीबीआई निदेशक त्रिनाथ मिश्रा को पद से हटाया जा चुका है. नवंबर 1998 में सीबीआई की टीम ने धीरूभाई अंबानी की कंपनी रिलायंस के ठिकानों पर छापेमारी की थी. तब 19 नवंबर, 1998 को सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर डीएल लाल की निगरानी में मुंबई के पॉस इलाके कफ परेड भवन और दिल्ली के ली मरेडियन होटल पर एकसाथ छापा मारा गया था.

सूत्र बताते हैं कि अंबानी परिवार को इस रेड की भनक पहले ही लग गई थी. क्योंकि 21 दिनों पहले ही सीबीआई ने दिल्ली में रिलायंस के बड़े अधिकारी सुब्रमण्यम के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. ये छापेमारी ऑफिशियल सेक्रेट से जुड़ा था. दरअसल, सीबीआई तहकीकात कर रही थी कि क्या भारत सरकार से जुड़ी कोई फाइल रिलायंस के दफ्तर में है या नहीं.

तब सीबीआई को सूचना मिली थी कि सरकार के नीतिगत फैसलों से जुड़ी फाइल रिलायंस के पास है. छापेमारी के बाद सीबीआई की तरफ से दावा किया गया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े कागजात बरामद हुए हैं. हालांकि रिलायंस लगातार सीबीआई रेड से इनकार करता रहा. लेकिन बाद में रिलायंस ने भी यह बात कबूल की थी कि उसके ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी हुई थी.

सूत्रों के मुताबिक जब रिलायंस के ठिकानों पर सीबीआई ने रेड मारी थी, तब धीरूबाई अंबानी ने सीधे पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को फोन लगा दिया था और सीबीआई चीफ की शिकायत की थी. तब धीरूभाई अंबानी ने शिकायत की थी कि ऑफिशियल सेक्रेट एक्ट का मामला गृह मंत्रालय के तहत आता है तो फिर पीएमओ और डीओपीटी के तहत आने वाली सीबीआई ने कैसे उसके ठिकानों पर रेड मारी?

बता दें कि इस रेड से पहले त्रिनाथ मिश्रा ने अटल सरकार को विश्वास में नहीं लिया था. इसके चंद दिनों बाद मिश्रा को पद से हटा दिया गया था. इस पर जून 2013 में ओपेन मैग्जीन में छपे एक लेख के मुताबिक त्रिनाथ मिश्रा ने लिखा था कि उन्हें कहा गया था कि इस केस में ऐसा कीजिए. जब उन्होंने मना किया था तो कहा गया था कि देख लीजिए. उन्होंने आखिरकार ये कहा कि मुझसे ऐसा नहीं होगा माफ कीजिए. इसी के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई थी.

First published: 26 October 2018, 16:11 IST
 
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