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शिवराज को सीबीआई से राहत, व्यापम घोटाले में सियासी साजिश से इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 June 2016, 15:40 IST
(पीटीआई)

मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाले में लगातार आलोचना झेल रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की ओर से बड़ी राहत मिली है.

जांच एजेंसी सीबीआई ने इस घोटाले में किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश से इनकार किया है.इस मामले में सीबीबाई का कहना है कि व्यापम घोटाले से जुड़े 155 केसों में से अधिकतर मामले व्यक्तिगत हैं.

गौरतलब है कि व्यापम घोटाले में विपक्षी कांग्रेस के द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कथित भूमिका को लेकर लंबे समय से इस्तीफे की मांग की जा रही है.

चार दर्जन गवाहों की संदिग्ध मौत

इसके साथ ही विपक्ष इस मामले में चार दर्जन से ज्यादा गवाहों की संदिग्ध मौत को लेकर भी शिवराज सरकार को घेरने का प्रयास करता रहा है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने आरोप लगाया था कि व्यापम घोटाले के तार सीधे तौर पर शिवराज सिंह चौहान, उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों से जुड़े हैं.

'व्यक्तिगत धोखाधड़ी से जुड़ा भ्रष्टाचार'

वहीं इस मामले में सीबीआई का कहना है कि अब तक की जांच में अधिकतर केस व्यक्तिगत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मिले हैं. इन्हें एक दूसरे से जोड़कर देखना मुश्किल है. जांच एजेंसी के मुताबिक केवल कुछ ही केस ऐसे हैं, जिनमें आरोपी या बीच का व्यक्ति कॉमन है, लेकिन सारे केस जुड़े हुए नहीं हैं.

सीबीआई के मुताबिक इस घोटाले में ज्यादातर जूनियर स्तर के ही अधिकारी लिप्त पाए गए हैं. इसलिए ऐसा कहना कि इसमें राजनीतिक स्तर पर घोटाला हुआ है, यह सही नहीं होगा.

सीबीआई ने व्यापम घोटाले में प्रदेश के जिन बड़े नेताओं की जांच की है. उनमें राज्य के पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव के तत्कालीन ओएसडी धनराज यादव, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य गुलाब सिंह किरार, तत्कालीन व्यापम कंट्रोलर सुधीर सिंह भदौरिया और पंकज त्रिवेदी जैसे कई नाम शामिल हैं.

First published: 15 June 2016, 15:40 IST
 
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