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इन राज्यों में है CBI पर रोक, जाने किस कानून के तहत बंगाल में बैन है सीबीआई की एंट्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 14:11 IST

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो और कोलकाता पुलिस के बीच शुरू हुई तकरार अब पूरी तरह से सियासी रूप ले चुकी है. इस मामले को लेकर एक तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल देर रात से धरने पर बैठी हैं. तो आज वहीं सदन में भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई. बता दें, केंद्रीय जांच ब्यूरो के गठन के कानून अनुसार किसी भी राज्य में सीबीआई को कार्रवाई करने के लिए पहले उस राज्य की परमिशन लेनी होती है.

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो का गठन दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम-1946 के अंतर्गत हुआ था. इस अधिनियम की धारा-5 के तहत सीबीआई को जांच के मामले में देश के किसी भी क्षेत्र में कार्रवाई करने का अधिकार है. लेकिन इसके साथ ही इस अधिनियम की धारा-6 में ये कहा गया है कि किसी भी राज्य में प्रवेश के पहले सीबीआई को उस राज्य की सरकार से अनुमति लेनी होगी. बिना राज्य सरकार की अनुमति के सीबीआई की उस राज्य के अधिकार क्षेत्र में एंट्री निषेध है.

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इन राज्यों में बैन है सीबीआई

हाल ही में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने सीबीआई को दी गई 'सामान्य रजामंदी' वापस ले ली थी. इसके पहले देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी के घमासान से खफा चंद्रबाबू नायडू ने सूबे में सीबीआई के प्रवेश के लिए रास्ते बंद कर दिए थे. नायडू सरकार ने आंध्र-प्रदेश में सीबीआई को क़ानून के तहत शक्तियों के इस्तेमाल के लिए दी गई 'सामान्य रज़ामंदी' वापस ले ली है. वहीं छत्तीसगढ़ में भी सीबीआई की एंट्री के रास्ते बंद हैं.

गौरतलब है कि सीबीआई को सामान्य रजामंदी पश्चिम बंगाल में 1989 में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने दी थी. लेकिन ममता सरकार की इस अधिसूचना के बाद सीबीआई को अब से अदालत के आदेश के अलावा राज्य में किसी तरह की जांच करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी.

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First published: 4 February 2019, 14:11 IST
 
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