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अब CBI के संयुक्त निदेशक पर भी उठे सवाल, बेटा चलाता है चार बोगस कंपनियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2018, 10:28 IST

सीबीआई के संयुक्त निदेशक अरुण कुमार शर्मा (CBI Joint Director Arun Kumar Sharma ) के बेटे और बेटी कम से कम चार बोगस कंपनियों के निदेशक हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों में पार्टनर के तौर पर सीबीआई द्वारा कुछ समय पहले रेड किये गए केटरर के रिश्तेदार एक सीबीआई की अफसर की पत्नी है. रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के रिकॉर्ड से यह जानकारी प्राप्त हुई है. सीबीआई के संयुक्त निदेशक अरुण कुमार शर्मा के बेटे कुशाग्र शर्मा चार कंपनियों में एक निदेशक हैं जबकि उनकी बेटी एक कंपनी में निदेशक हैं. उनके पंजीकृत पतों पर चार कंपनियां मौजूद नहीं थीं, जबकि कंपनियों ने कोई व्यवसाय नहीं किया है.

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच चल रहे विवाद के पूर्व 24 अगस्त को अस्थाना ने मंत्रिमंडल सचिव को लिखा था कि शर्मा सात बोगस कंपनियां शर्मा से जुड़े थे, जहां उनके बेटे, बेटी या निजी कर्मचारियों की पत्नी अश्वनी गुप्ता निदेशक थे.
अस्थाना और वर्मा के विवाद के बाद शर्मा का तबदला कर दिया गया है. मंत्रिमंडल सचिव को लिखे अपने पत्र में, अस्थाना ने आरोप लगाया कि निवेशन वेंचर्स को कुशाग्र और प्रदीप कुमार राय साझेदारी से चला रहे हैं.

आरओसी के रिकॉर्ड से पता चलता है कि 16 नवंबर, 2017 को नई दिल्ली में नंबर 1 सफदरजंग रोड राइडिंग क्लब में पंजीकृत थी. हालांकि, 4 अक्टूबर 2018 को इसका पता बदलकर एस 31, एस 32 ए, फर्स्ट फ्लोर, हरगोबिंद एनक्लेव, डीएलएफ गेट किया गया. फाइलिंग के मुताबिक, निवेशन वेंचर्स कुशाग्रा और राय से 10,000 रुपये के योगदान निधि के साथ एक सीमित देयता भागीदारी कंपनी है.

केंद्र सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ अब CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इससे पहले सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. बता दें कि CBI का काम किसी और अधिकारी से दिखाने को लेकर CBI प्रमुख आलोक वर्मा द्वारा दी गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई कर रहा है.

बता दें कि मामले में सुनवाई से पहले ही CBI ने सफाई दे दी है कि आलोक वर्मा अब भी CBI डायरेक्टर हैं, जबकि राकेश अस्थाना स्पेशल डायरेक्टर हैं. सीबीआई ने कहा है कि इन अफ़सरों को हटाया नहीं गया है, इन्हें सिर्फ जांच से अलग कर छुट्टी पर भेजा गया है.

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First published: 27 October 2018, 10:25 IST
 
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