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'सीबीआई अफसर ने मेरे पति को मार डाला'

शिरीष खरे | Updated on: 4 October 2016, 18:01 IST
QUICK PILL
  • माया ने कहा है कि सीबीआई जबरदस्ती उनके पति से जुर्म कबूल करवाना चाहती थी. उनके पति ने उन्हें बताया था कि उनकी जान को सीबीआई से खतरा है.
  • शिव की मौत के बाद उनकी पत्नी माया ने कहा कि सीबीआई डीएसपी नमो मिश्रा ने मेरे पति को मार डाला. उन्होंने आत्महत्या की धमकी भी दी है.

छत्तीसगढ़ के पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड के संदिग्ध और सीबीआई हिरासत में फांसी लगाने वाले शिव वैष्णव ने रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. सीबीआई की हिरासत में उसने चार दिन पहले पुलिस लाइन स्थिति ट्रांजिट हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी. इसके बाद सरकारी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था.

शिव की मौत की खबर सामने आते ही उसकी पत्नी और परिजन अस्पताल पहुंच गए और बवाल मच गया. कुछ देर हंगामे के बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया. शिव वैष्णव की मौत के बाद अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया और पत्नी सहित किसी भी परिवार के किसी भी सदस्य को को आईसीयू में नहीं जाने दिया गया. पति की मौत से व्यथित शिव कुमार की पत्नी माया को संभालने में पुलिस और परिजनों को काफी दिक्कत हुई. परिजनों ने शिव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की मांग अफसरों से की है.

शिव की पत्नी माया ने कहा कि सीबीआई डीएसपी नमो मिश्रा ने मेरे पति को मार डाला. उन्होंने कहा कि जब सीबीआई ने पति को मार डाला तो हम जी कर क्या करेंगे? हम लोग भी आत्महत्या कर लेंगे. इसके बाद से माया, उसकी बेटी, बहू और शिव की मां पर पुलिस की नजर है. इसके लिए महिला पुलिस आरक्षकों की तैनाती की गई है.

माया ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआई जबरदस्ती उनके पति से जुर्म कबूल करवाना चाहती थी. पति ने बताया था कि उनकी जान को सीबीआई से खतरा है. माया ने डीएसपी मिश्रा और उनकी टीम पर पैसे लेकर अपने पति और बेटे को फंसाने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक उमेश राजपूत और शिव कुमार अच्छे दोस्त थे.

कुछ खदान माफियाओं का स्टिंग कर उमेश ने क्लिप बना रखी थी. इसकी वजह से माफिया ने उसे मौत के घाट उतार दिया. खान माफिया को अंदेशा था कि शिव कुमार के पास भी उनकी टेप हो सकती है, इसलिए शिव और उसके बेटे को फंसाया गया. माया ने यह भी कहा कि अफसरों ने उनेके पति के साथ मारपीट की थी.

सीबीआई हिरासत में मौत के बाद पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू हो गई है. सीबीआई स्पेशल जज शांतनु कुमार धृतलहरे अंबेडकर अस्पताल पहुंचे. उनके सामने पुलिस ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

सीबीआई अफसरों ने छोड़ा रायपुर

सीबीआई कस्टडी में हुए सुसाइड की जांच कर रहे कोतवाली पुलिस थाने के एएसआई अनवार खान ने बताया कि शुक्रवार रात की सीबीआई डीएसपी एसके मिश्रा और अन्य अफसरों ने रायपुर छोड़ दिया है. खुदकुशी की कोशिश की जानकारी लेने के लिए अनवर खान और उनके साथी पुलिसकर्मी सीबीआई अफसरों से मिलने गए थे, लेकिन वे ट्रांजिट हॉस्टल में नहीं मिले. कमरे में ताला लगा हुआ था. एएसपी सिटी विजय अग्रवाल ने बताया कि सीबीआई मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक जांच की जा रही है. इस संबंध में हम कुछ नहीं कह सकते.

मौत पर गरमाई राजनीति

सीबीआई अभिरक्षा में आत्महत्या के प्रयास के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पूरे मामले में सीबीआई की भूमिका पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में सीबीआई अभिरक्षा के दौरान प्रताड़ित किए जाने को लेकर दिल्ली के ही पूर्व आईएएस अधिकारी बीके बंसल परिवार ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी.

इन दोनों ही मामलों में परिजनों के आरोप सीबीआई की भूमिका पर लगे हैं. सीबीआई जैसी शासकीय एजेंसी पर गंभीर आरोप जांच के दायरे में आते हैं. छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी प्रमुख अजीत जोगी ने शिव कुमार वैष्णव की सीबीअई अभिरक्षा में कथित आत्महत्या और उपचार के दौरान हुई मौत पर दुख जताते हुए कहा कि मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद राज्य सरकार द्वारा दी जाए.

उमेश राजपूत हत्याकांड पर फंसा पेंच

मौत के बाद उमेश राजपूत हत्याकांड का खुलासा होना मुश्किल दिख रहा है. शिव को सीबीआई ने प्रमुख आरोपी माना था. गरियाबंद जिले के छुरा के पत्रकार उमेश राजपूत की 2011 में हत्या कर दी गई थी. इसके आरोप में बीती 25 सिंतबर को सीबीआई ने शिव कुमार और उसके बेटे विकास को गिरफ्तार किया था.

दोनों को कोर्ट से चार दिन की रिमांड पर लिया गया था. दोनों को रायपुर पुलिस लाइन की ट्रांजिट हॉस्टल में सीबीआई ने रखा था. दोनों पर आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है. 29 सितंबर की सुबह सीबीआई के डीएसपी नमो मिश्रा उनके कमरे में गए और अकेले में पूछताछ की. इसके थोड़ी देर बाद ही शिवकुमार बाथरूम में गया और गमछे से फंदा बनाकर शावर के स्टैंड पर झूल गया.

सीबीआई अफसर उसे नीचे उतारकर पहले जिला अस्पताल ले गए. वहां से हालत बिगडऩे पर अंबेडकर अस्पताल रिफर किया गया. वह तभी से वेंटिलेटर पर था.

First published: 4 October 2016, 18:01 IST
 
शिरीष खरे @catch_hindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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