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CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर 3 करोड़ रुपये की घूस लेने का आरोप लगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 October 2018, 13:13 IST

 

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई में घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है. सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डायरेक्टर अलोक वर्मा खुलकर आमने सामने आ गए हैं. दोनों एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की इससे दयनीय स्थिति क्या होगी जब एजेंसी को संभालने वाले वाले की सवालों में घेरे में हों. सीबीआई की यह लड़ाई अब राजनीति में भी तब्दील होती जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के रिश्वत मामले में फंसने पर हमला किया. स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपी मीट व्यापारी मोइन कुरैशी से 3 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप है.

सीबीआई ने राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है. कारोबारी सतीश सना की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. सना मोइन कुरैशी से 50 लाख रुपये लेने के मामले में जांच के घेरे में था. इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व अस्थाना कर रहे थे. सीबीआई ने साना की शिकायत के आधार पर स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना, सीबीआई डीएसपी देवेंद्र कुमार, मनोज प्रसाद, कथित बिचौलिए सोमेश प्रसाद और पर भी मामला दर्ज किये.

 

राहुल गांधी ने कहा "गोदरा एसआईटी से प्रसिद्द प्रधानमंत्री के नीली आंख वाले लड़के, गुजरात कैडर अधिकारी को सीबीआई में प्रवेश करवाया. नंबर 2 अब रिश्वत लेने में पकडे गए हैं. इस पीएम के तहत सीबीआई राजनीतिक बदले का हथियार बन गई है."

राकेश अस्थाना गुजरात कैडर के 1984-बैच अधिकारी हैं. जिन्होंने राज्य की विशेष जांच दल (एसआईटी) की अध्यक्षता की थी, उन्होंने फरवरी 2002 में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस को जलाने के मामले की जांच की थी. अस्थाना को प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माना जाता है. अपनी एफआईआर में सीबीआई ने अस्थाना की अध्यक्षता में एसआईटी द्वारा मोइन कुरेशी भ्रष्टाचार

के मामले में जांच के तहत एक व्यापारी से रिश्वत मांगने और रिश्वत लेने के लिए अस्थाना को 1 नंबर के रूप में नामित किया है.इसके अलावा 21 सितंबर को एजेंसी ने कहा था कि उसने केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को सूचित किया था कि वह भ्रष्टाचार के छह मामलों में अस्थाना की जांच कर रहा था. इसमें कहा गया है कि अस्थाना निदेशक आलोक वर्मा की छवि को बदनाम कर रहे हैं.

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First published: 22 October 2018, 11:24 IST
 
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