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भंवरी मर्डर केसः वसुंधरा सरकार पर सीबीआई ने लगाया जांच में बाधा डालने का आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2016, 17:02 IST
(पीटीआई)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार पर भंवरी देवी हत्याकांड की जांच में अड़चन डालने का गंभीर आरोप लगाया है.

राजस्थान में भंवरी देवी हत्याकांड सत्ता के गलियारों में बहुचर्चित केस माना जाता है, जिसमें कद्दावर जाट नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री महिपाल मदेरणा आरोपी हैं.

इस मामले में सीबीआई की टीम ने विशेष निदेशक को पत्र लिख कर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भंवरी देवी केस की जांच में रुकावट डाल रही है.

विशेष सीबीआई निदेशक को खत

जांच टीम की ओर से लिखे पत्र में विशेष निदेशक से कहा गया है कि जांच अधिकारी की पैरवी कर रही टीम और मामले से संबंधित गवाहों को लगातार धमकियां मिल रही हैं.

खत में कहा गया है कि दो साल पहले तत्कालीन मुख्य सचिव ने सीबीआई की जांच टीम को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे, उसके बावजूद आज तक टीम को न तो सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है और न ही कोई वाहन.

यही वजह है कि इस केस में अब तक 11 गवाह असुरक्षा के मद्देनजर अपने बयान से पलट चुके हैं. पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के द्वारा सीबीआई टीम के कार्यालय को सर्किट हाउस से हटाकर गेस्ट हाउस या फिर पुलिस लाइनों में शिफ्ट करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है.

सीबीआई टीम ने मांगी सुरक्षा

टीम का यह भी कहना है कि अभी 192 गवाहों की गवाही होनी बाकी है. इस मामले में कुल 315 दस्तावेज और 94 आर्टिकल हैं. जिनको एक बड़े बक्से में भर कर सर्किट हाउस के कमरे में रखा गया है.

जांच टीम के द्वारा एक सप्ताह पहले विशेष निदेशक को लिखे इस पत्र में आरोप लगाया है कि इस मामले में प्रभावशाली नेता जेल में बंद हैं. शायद उनकी मदद करने के उद्देश्य की वजह से सीबीआई टीम को राज्य सरकार के द्वारा परेशान किया जा रहा है.

सीबीआई की जांच टीम ने मांग की है कि राज्य सरकार को इस मामले में दिशा-निर्देश जारी किए जाएं कि वह टीम से सर्किट हाउस को खाली न करवाए. इसके साथ ही टीम ने सुरक्षा की मांग करते हुए वाहन मुहैया कराने की अपील भी की है.

2011 में लापता हुई थी भंवरी

गौरतलब है कि भंवरी देवी मर्डर केस में राजस्थान के वरिष्ठ नेता महिपाल मदेरणा के साथ कुछ हिस्ट्रीशीटर भी आरोपी हैं. सितंबर 2011 में जोधपुर के बिलाड़ा से एएनएम भंवरी देवी लापता हो गई थी.

उसका शव बरामद नहीं हो पाया था, लेकिन कॉल डिटेल और जोधपुर के पास एक नहर से मिले कुछ अवशेषों से तस्दीक हुई थी कि भंवरी को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में तत्कालीन विधायक मलखान सिंह विश्नोई भी गिरफ्तार हुए थे.

First published: 4 July 2016, 17:02 IST
 
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