Home » इंडिया » CBI WAR : Rakesh Asthana accuses Director Alok Verma of trying to frame him in graft case
 

CBI में मचा घमासान : मीट कारोबारी मोइन कुरेशी केस से जुडी कई जानकारियां आयी सामने

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 October 2018, 10:32 IST

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा और संयुक्त निदेशक अरुण कुमार शर्मा पर भ्रष्टाचार के मामले में झूठा आरोप लगाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. साथ ही अस्थाना ने अलोक वर्मा और अन्य दर्जनभर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इससे एक पहले ही सीबीआई ने रिश्वत मामले में अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी. सीबीआई अधिकारी पर कई करोड़ के भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी मोइन कुरेशी की जांच को रद्द करने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो साल 2014 में जब मोइन कुरेशी पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी की थी तब उन्हें कई ब्लैकबेरी मैसेंजर मैसेज मिले थे. इन मेसेज में मोइन कुरेशी और उन लोगों के बीच बातचीत सामने आयी है जिनसे वह सीसीआई से केस मैनेज करने के लिए रिश्वत की बात कर रह हैं.

इस मामले में कई लोगों की टेलीफोन रिकॉर्डिंग्स सामने आयी है, जिसमे जिसमे हैदराबाद के व्यवसायी प्रदीप कनेरू का नाम भी शामिल है. वर्मा और अस्थाना के बीच लड़ाई 2017 में शुरू हुई, जब निर्देशक ने एजेंसी में अस्थाना की नियुक्ति पर विरोध किया क्योंकि वह स्टर्लिंग बायोटेक मामले में जांच में थे.

पिछले महीने जांच एजेंसी ने कहा कि वर्मा के खिलाफ अस्थाना द्वारा दायर की गई शिकायत दुर्भावनापूर्ण थी. कुछ मीडिया रिपोर्टों के बाद बयान जारी किया गया था कि अस्थाना ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग से संपर्क किया था, जिसमें वर्मा ने अपनी टीम की जांच में दखल देने का आरोप लगाया था.

आलोक वर्मा को जब सीबीआई का निदेशक बनाया गया था तब उन्होंने अपने करीबी अधिकारियों को सीबीआई में लाने कोशिश की थी. वर्मा के डायरेक्टर बनने से पहले गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर राकेश अस्थाना पूर्णकालिक एक्टिंग डायरेक्टर के रूप में सीबीआई का काम देख रहे थे और उन्होंने नए अधिकारियों को सीबीआई में रखे जाने का विरोध किया था.

राकेश अस्थाना को भी स्पेशल डायरेक्टर बनाए जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने याचिका दायर की थी. प्रशांत भूषण का कहना था कि राकेश अस्थाना का नाम स्टर्लिंग बायोटेक मामले की डायरी में दर्ज है. इस मामले की सीबीआई ने खुद एफआईआर दर्ज की है. ऐसे में सीबीआई में राकेश अस्थाना की नियुक्ति कैसे हो सकती है? बाद में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण की याचिका को खारिज कर दिया था.

ये भी पढ़ें : HAL में बने सुखोई रूसी कंपनी के बनाये सुखोई विमानों से 55 फीसदी महंगे : रक्षा मंत्रालय

First published: 22 October 2018, 10:23 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी