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CBSE पेपर लीक: बैंक मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार, प्रिंसिपल बनने के लिए किया बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 April 2018, 7:54 IST

दिल्ली की क्राइम ब्रांच टीम ने CBSE दसवीं और 12वीं और दसवीं के पेपर लीक मामले में हिमाचल से और गिरफ्तारियां की. हिमाचल से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें बैंक मैनेजर, कैशियर और एक महिला शामिल है. आरोपी महिला पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी टीचर राकेश शर्मा की रिश्तेदार बताई गई है .

राकेश शर्मा पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड है. राकेश शर्मा ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से पेपरों का बंडल निकाल दिया था और महिला से शेयर किया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अनुसार यूनियन बैंक की ऊना शाखा के मैनेजर और हेड कैशियर को गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने ऊना के डीएवी सेंटेनरी स्कूल के टीचर राकेश शर्मा और क्लर्क के अलावा एक अन्य को गिरफ्तार किया था.

सीबीएसई की 12 वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र और 10 वीं कक्षा के गणित के प्रश्नपत्र के लीक मामले में गिरफ्तार शिक्षक, स्कूल का प्रधानाचार्य बनना चाहता था. इस मकसद को पूरा करने के लिए पेपर लीक में कथित तौर पर शामिल हुआ. पिछले हफ्ते अपराध शाखा ने राकेश कुमार, अमित शर्मा और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था. वे सभी डीएवी सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल के कर्मचारी हैं.तीनों व्यक्तियों को अर्थशास्त्र के पर्चा लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है.

 

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 35 साल के शेरू राम शामिल हैं जो यूनियन बैंक आॅफ इंडिया, ऊना शहर में शाखा प्रबंधक के तौर पर कार्यरत हैं. इसी शाखा के सीनियर कैशियर ओम प्रकाश (58) और एक महिला भी इसी गिरोह में शामिल थी. महिला राकेश कुमार की रिश्तेदार है.आरोप है कि इसी महिला ने हस्तलिखित 12वीं के अर्थशास्त्र और दसवीं के गणित के पेपर को व्हाट्सऐप के जरिए अपने जानकारों को भेजा था, जिसके बाद यह पेपर देश के कई हिस्सों में परीक्षा से पहले ही वायरल हो गया था.

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पुलिस के मुताबिक आरोपी राकेश कुमार जिस दिन (23 मार्च) कंप्यूटर साइंस का पेपर बैंक के लॉकर से लेने गया था, उसी दिन अर्थशास्त्र और गणित के पेपर का एक-एक बंडल अपने साथ ले आया था.बाद में उसने एक पेपर निकाल कर अपने मोबाइल से फोटो खींचा. उसके बाद बंडल को उसी प्रकार से सील कर दिया.कुछ सयम बाद उसने अपने एक छात्र को बुलाया और उस पेपर को हाथ से लिखवाया. उसके बाद उसने यह पेपर रिश्तेदार महिला को व्हाट्सऐप के जरिए भेजा, जिसका बेटा इस साल दसवीं की परीक्षा दे रहा था.

गौरतलब है कि कक्षा 12 वीं का अर्थशास्त्र का पर्चा परीक्षा से तीन दिन पहले ऊना शहर में 23 मार्च को लीक हो गया था और इसे व्हाइट्सएप पर कम से कम 40 ग्रुपों में शेयर किया गया था.

First published: 13 April 2018, 7:54 IST
 
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