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अरविंद सुब्रमण्यम: इनकम टैक्स में छूट के दायरे को न बढ़ायें जेटली

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 February 2016, 19:56 IST
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने संसद में आर्थिक सर्वे पेश होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत की जनता बहुत ही कम इनकम टैक्स चुकाती है.

इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाने पर राजस्व का भारी नुकसान हो सकता है. अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा कि वर्तमान में ग्लोबल इकोनॉमी स्लोडाउन का सामना कर रही है.

उन्होंने कहा कि देश को वित्तीय और फिस्कल पॉलिसी में यह तय करना होगा कि देश इस वैश्विक गिरावट से सफलतापूर्वक पार पा सकें.

संसद में आज जारी हुए आर्थिक सर्वे में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में लोग पहले से ही बहुत कम टैक्स चुकाते हैं ऐसे में इनकम टैक्स में और छूट दे पाना संभव नहीं है.

सुब्रमण्यन ने कहा कि आने वाले 2 से 5 साल में भारत 8 से 10 फीसदी की ग्रोथ रेट हासिल कर लेगा. इसमें कोई शक नहीं है कि वर्ल्ड इकोनॉमी बीते साल में कमजोर रही है और इसलिए हमें घरेलू डिमांड पर ध्यान देने की जरूरत है.

आर्थिक सर्वे के मुताबिक दूसरे देशों के साथ तुलना से पता चलता है कि भारत में टैक्स चुकाने वालों का अनुपात निम्न है. इसमें कहा गया है कि देश की 85 फीसदी अर्थव्यवस्था अभी भी कर दायरे से बाहर है. कमाने वाले सिर्फ 5.5 प्रतिशत लोग ही टैक्स दायरे में हैं. इस अनुपात को 23 प्रतिशत तक करने की जरूरत है.

आजादी के बाद से आंकडों के अध्ययन के हवाले से समीक्षा में कहा गया है कि आमदनी में इजाफे की तुलना में आयकर छूट की सीमा में ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी की गयी है.

First published: 27 February 2016, 19:56 IST
 
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