Home » इंडिया » censor board clears padmavati due to underworld pressure, cinema halls vandalised which shows the film says Rajput Karni Sena
 

'पद्मावती दिखाने वाले सिनेमा हॉल होंगे बर्बाद, अंडरवर्ल्ड के दवाब में सेंसर बोर्ड ने लिया फैसला'

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2017, 17:43 IST

सेंसर बोर्ड ने शर्तों के साथ पद्मावती फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दे है. इस फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली भी इन बदलावों से सहमत है. अब इस फिल्म को बदलावों के साथ सेंसर बोर्ड के पास भेजा जाएगा. सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद ये फिल्म जल्द रिलीज होगी. फिल्म पद्मावती में दीपिका पादुकोण के अलावा शाहिद कपूर और रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं.

गौरतलब है कि पद्मावती फिल्म पहले 1 दिसंबर को रिलीज़ होने वाली थी. लेकिन फिल्म के विरोध को देखते हुए इसकी रिलीज की डेट टल गई. इस फिल्म को लेकर राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया था. वहीं सेंसर बोर्ड के चेयरपर्सन प्रसुन जोशी ने भी फिल्म को मीडिया को दिखाने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी. उनका कहना था कि सेंसर बोर्ड से सार्टिफिकेट लिए बिना पद्मावती को मीडिया को दिखाना गलत है. 

हालांकि 28 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने इस विवाद को खत्म करने के लिए रिव्यू कमेटी और एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया था. 28 दिसंबर को इस फिल्म को देखने के बाद रिव्यू कमेटी और एडवाइजरी बोर्ड ने कुछ सुझाव दिए थे, जिन्हें फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने मान लिया है.

वहीं जैसे ही फिल्म के विवाद खत्म होने की बात मीडिया के सामने आई तो एक बार फिर राजपूत करणी सेना ने शनिवार को इस पर अपना स्टैंड बताया. राजपूत करणी सेना के सुखदेव सिंह ने कहा कि हम इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे. सेंसर बोर्ड ने दवाब में फैसला लिया है.

सुखदेव ने फिल्म की रिलीज पर कहा कि, "हमारे लोग सिनेमा हॉल के बाहर विरोध करने के लिए खड़े रहेंगे, जो भी सिनेमा हाल इस फिल्म को रिलीज करेगा हम उसे बर्बाद कर देंगे. सेंसर बोर्ड द्वारा गठित कमेटी को इसकी समीक्षा के लिए कहा गया था, इन लोगों ने फिल्म का विरोध किया लेकिन सेंसर बोर्ड ने अंडरवर्ल्ड के दवाब में फैसला लिया है."

ये होंगे बदलाव

जानकारी के मुताबिक इस फिल्म का नाम बदलकर मलिक मुहम्मद जायसी के 16 वीं सदी में लिखे गए महाकाव्य 'पद्मावत' के नाम पर रखा जा सकता है. हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सेंटर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म को यूए सार्टिफिकेट के साथ रिलीज करने की अनुमति संजय लीला बंसाली को दे दी है.

इसके अलावा निर्माताओं को फिल्म में डिस्क्लेमर भी डालना होगा. इस फिल्म के घूमर डांस पर भी कमेटी ने आपत्ति दर्ज की है. सूत्रों के मुताबिक इसे भी बदला जाएगा.

सेंसर बोर्ड 6 सदस्यीय पैनल के सुझावों के मुताबिक फिल्म में 26 कट लगाए जाएंगे, जिसके बाद फिल्म को फिर से रिव्यू किया जाएगा. सीबीएफसी के स्पेशल पैनल में उदयपुर से राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह और जयपुर यूनिर्वसिटी से डॉ. चंद्रमणि सिंह और प्रोफेसर केके सिंह शामिल थे.

क्या है पद्मावती विवाद

गौरतलब है कि राजस्थान समेत पूरे देश में 'पद्मावती' फिल्म का राजपूत समाज विरोध कर रहा था. राजपूत समुदाय के इन लोगों का आरोप था कि फिल्म में रानी पद्मावती के बारे में जो कहानी बुनी गयी हैं उसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़मराड़ पेश किया गया है.

विवाद बढ़ने के बाद यूपी, एमपी और कई राज्यों के सीएम ने इसे अपने यहां रिलीज करने से इनकार किया था. इनका कहना था कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और साथ ही ये किसी समाज का अपमान होगा.

हालांकि फिल्म के डॉयरेक्टर संजयलीला भंसाली ने अपनी ओर से साफ किया है कि फिल्म में राजपूत समुदाय राजपूत समुदाय की कोई बुराई नहीं की गई है. साथ ही, सभी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखा गया है. 

First published: 30 December 2017, 17:43 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी