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देश में 11 हजार की आबादी पर सिर्फ एक डॉक्टर, बिहार की स्थिति सबसे बदतर- रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2018, 11:12 IST

देश में डॉक्टरों की भारी कमी है और फिलहाल देश में 11,082 की आबादी पर मात्र एक डॉक्टर है. इसमें भी बिहार राज्य की स्थिति सबसे बदतर है जहां 28,391 लोगों पर एक डॉक्टर है. यह तब की स्थिति है जब भारत मंगल पर पहुंच गया है. डॉक्टरों की कमी की वजह से मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की तादाद महज एक साल में दोगुनी हो गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सेंट्रल ब्यूरो ऑफ हेल्थ इंटेलीजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में डॉक्टरों की भारी कमी है. इसके चलते देश में कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. वर्ष 2017 के दौरान सरकार के राष्ट्रीय परीक्षण कार्यक्रम के तहत जांच में यह भी पाया गया कि एक साल के दौरान कैंसर के मामले भी 36 फीसदी तक बढ़ गए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मानक तय किया है कि प्रति एक हजार व्यक्तियों पर एक डॉक्टर होना चाहिए. इस लिहाज से यह अनुपात तय मानकों के मुकाबले 11 गुना कम है. बिहार में 28,391 लोगों की आबादी पर एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है. वहीं उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में भी हालात खराब ही है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2016 के आंकड़े के अनुसार, भारत में एलोपैथिक डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने वाले एक तिहाई लोगों के पास मेडिकल की डिग्री तक नहीं है. साल 2017 तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास कुल 10.41 लाख डॉक्टर पंजीकृत थे. इनमें से सरकारी अस्पतालों में 1.2 लाख डॉक्टर थे. जबकि बाकि बचे डॉक्टर निजी अस्पतालों में कार्यरत हैं या निजी प्रैक्टिस करते हैं.

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पिछले साल डबल्यूएचओ ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत में स्वास्थ्य के मद में होने वाले खर्च का 67.78 प्रतिशत लोगों की जेब से ही निकलता है, जबकि इस मामले में वैश्विक औसत सिर्फ 17.3 फीसदी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आधे भारतीयों के पास आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच ही नहीं है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने वाले लोग अपनी आय का 10 फीसदी से ज्यादा इलाज पर ही खर्च कर रहे हैं.

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, देश की आबादी का कुल 3.9 प्रतिशत यानी 5.1 करोड़ भारतीय अपने घरेलू बजट का एक चौथाई से ज्यादा खर्च इलाज पर ही कर देते हैं, जबकि श्रीलंका में ऐसी आबादी महज 0.1 प्रतिशत है, ब्रिटेन में 0.5 फीसदी, अमेरिका में 0.8 फीसदी और चीन में 4.8 फीसदी है.

First published: 2 July 2018, 11:06 IST
 
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