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सरकारी कर्मचारियों की शिफ्ट टाइमिंग में होने वाला है ये बड़ा बदलाव, ये होगा नया नियम

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 November 2019, 12:20 IST

अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं या आपके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है तो आपके लिए ये जरूरी खबर है. दरअसल, केंद्र सरकार ने वेज कोड रूल्स का ड्राफ्ट जारी किया है. इस ड्राफ्ट में सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 9 घंटे कामकाज की सिफारिश की है. वहीं सरकार ने इसमें नेशनल मिनिमम वेज की कोई घोषणा नहीं की है. लेकिन इस ड्राफ्ट में सरकार ने ज्यादातर पुराने सुझावों को ही रखा है. जिसमें मजदूरी तय करने के लिए पूरे देश को तीन जियोग्राफिकल वर्गों में बांटा गया है.

केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए इस ड्राफ्ट में मिनिमम वेज तय करने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है. ड्राफ्ट में कहा गया है कि भविष्य में एक एक्सपर्ट कमेटी मिनिमम वेज तय करने की सिफारिश सरकार से करेगी. इसके साथ ही वर्तमान समय में सरकारी कर्मचारयों के रोजाना 8 घंटे के कामकाज के नियम को लेकर भी ड्राफ्ट में कोई स्पष्टता नहीं है. बता दें कि फिलहाल इसी नियम के तहत 26 दिन काम के बाद सैलरी तय होती है.

गौरतलब है कि श्रम मंत्रालय के एक इंटरनल पैनल ने इसी साल जनवरी में अपनी रिपोर्ट में 375 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से नेशनल मिनिमम वेज तय करने की सिफारिश की थी. पैनल ने इस मिनिमम वेज को जुलाई 2018 से लागू करने को कहा था. सात सदस्यीय पैनल ने कम से कम मासिक वेतन 9750 रुपये रखने की सिफारिश की थी. साथ ही शहरी कामगारों के लिए 1430 रुपए का हाउसिंग अलाउंस देने का सुझाव दिया था.

बता दें कि प्रस्तावित ड्राफ्ट में मिनिमम वेज तय करने के लिए पूरे देश को तीन जियोग्राफिकल वर्गों में बांटने की सिफारिश की है. इसमें पहले वर्ग में 40 लाख या इससे ज्यादा की आबादी वाले मेट्रोपोलिटन शहर, दूसरे वर्ग में 10 से 40 लाख तक की आबादी वाले नॉन मेट्रोपोलिटन शहर और तीसरे वर्ग में ग्रामीण इलाकों को शामिल किया गया है. बता दें कि मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को सहूलिय देने के लिए तमाम नियमों में बदलाव कर रही है. जिससे उन्हें समय से वेतन के साथ-साथ भविष्य की चिंताओं को खत्म किया जा सके.

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First published: 5 November 2019, 12:12 IST
 
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