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RTI के तहत सूचना मांगने वाले की मौत के बाद भी सार्वजनिक की जाएगी जानकारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2018, 10:00 IST

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक फैसले में कहा, कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी याचक के मृत्यु के बाद भी सार्वजनिक की जाएगी. सूचना जब तक मुहैया नहीं करा दी जाएगी, तब तक लड़ाई जारी रहेगी और इस लड़ाई पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि सूचना मांगने वाला जिंदा है या नहीं.

बता दें कि सीआईसी ने कई विसलब्लोअर और आरटीआई कार्यकर्ता की रहस्यमय मौत के बाद यह फैसला किया है. आयोग ने फैसला किया है कि वह अपील या शिकायत करनेवाले की मौत होने पर भी सुनवाई नहीं रोकेगा और मांगी गई सूचना को सार्वजनिक करेगा.

केन्द्रीय सूचना आयोग रेग्युलेशंस 2007 के सेक्शन 24 के मुताबिक, "कमीशन के पास लंबित कार्यवाही अपील या शिकायत करनेवाले की मौत के साथ खारिज हो जाएगी." हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने 2010 में इसको पलट दिया था. 2011 में आयोग ने कहा था कि वह किसी मामले की सुनवाई तभी करेगा, अगर कोई मानवाधिकार कार्यकर्ता या गैरलाभकारी संगठन यह शिकायत करता है कि अपील करनेवाले को इसलिए मार दिया गया कि वह संवेदनशील सूचना मांग रहा था. 

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गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशटिव (CHRI) के अांकड़ो के मुताबिक, 2006 से लेकर 2018 के बीच आरटीआई यूजर्स पर हमले के 428 मामले दर्ज हुए हैं. इनमें हत्या के 73, हमले के 166, उत्पीड़न और धमकी के 183 और खुदकुशी के 6 मामले शामिल हैं. 

First published: 6 July 2018, 10:00 IST
 
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