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झारखंड: भाजपा मंत्री जयंत सिन्हा ने किया हत्यारों का माला पहना कर स्वागत, विवाद शुरू

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2018, 9:22 IST

झारखंड में बीफ के शक पर मॉब लिंचिंग का शिकार हुए मुस्लिम युवक के हत्या के आरोपियों में से 8 को कोर्ट ने जमानत दे दी. झारखण्ड कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भाजपा जिला कार्यालय में मिठाई बांटी गई. गौरतलब है की झारखण्ड के रामगढ़ में एक मुस्लिम युवक अलीमुद्दीन की भीड़ ने हत्या कर दी थी. लोगों को उसके बीफ ले जाने का शक था. जिस शक के आधार पर बेकाबू भीड़ ने उस पर हमला किया और उसे मार डाला.

शुक्रवार को झारखंड अदालत ने आरोपियों में से 8 को जमानत पर रिहा कर दिया. जिसको लेकर भाजपा जिला कार्यालय मिठाई बांटी गई और पटाखे भी फोड़े गए. इतना ही नहीं केंद्रीय उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने बरी हुए आरोपियों का माला पहना कर अभिनंदन किया.

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आरोपियों की रिहाई के लिए संघर्ष करने वाले पूर्व भजापा विधायक शंकर चौधरी नेजमानत मिलने पर खुशी का इजहार किया. इससे पहले जिला अदालत ने इस हत्‍याकांड में 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सजा पाए लोगों में एक नाबालिक भी है जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने मॉब लिंचिंग के दौरान बनाए गए वीडियो को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने से इन्कार कर दिया. इस वजह से 8 लोगों को जमानत मिल गई.

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने माला पहना कर किया स्वागत
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राजयमंत्री जयंत सिन्हा ने बरी हुए आरोपियों को अपने घर बुलाकर फूलों की माला पहनाई, मिठाई खिलाई और उनके साथ फोटो भी खिंचाई. इसके बाद उन पर सियासी हमले तेज हो गए. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियों ने जयंत सिन्हा को निशाने पर लिया. विपक्ष का कहना है कि देश में जब शक का माहौल बना हुआ हैं और अफवाहों के आधार पर अभी तक 27 लोगों की हत्या की जा चुकी है ऐसे में एक केंद्रीय मंत्री का यह गैर जिम्मेदाराना कृत्य बेहद निंदनीय है.

क्या है पूरा मामला

29 जून 2017 को झारखंड के रामगढ़ में मांस के व्यापारी अलीमुद्दीन की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. अलीमुद्दीन की वैन में बीफ होने के शक में लोगों ने उसे पकड़ लिया था और अलीमुद्दीन की पीट पीट कर हत्या कर दी थी. मांस कारोबारी की हत्या और उसके बाद से इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही थी. भाजपा के नेताओं ने आरोपियों का शुरू समर्थन किया और बाकी अन्य पार्टियों ने इनके लिए फांसी की मांग की थी.

First published: 7 July 2018, 9:22 IST
 
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