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सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 90 छात्र 3 दिन से भूख हड़ताल पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2017, 14:57 IST

केंद्र की मोदी सरकार फर्जी शिक्षा पर नकेल कसने और शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने की बात करती हैं. इसके लिए वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की बात करते हैं मगर उन छात्रों का क्या जो केंद्र द्वारा संचालित केंद्रीय विश्वविद्यालय की ही शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं.

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्विद्यालय में बीएड कोर्स के तकरीबन 90 छात्र-छात्राए लगभग 3 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. विश्वविद्यालय के अड़ियल रवैये के कारण ये छात्र-छात्राए लगभग 3 दिनों से मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. गौर करने वाली बात ये है कि ये हड़ताल पर भूखे बैठे छात्रों को देखने के लिए न तो डॉक्टरों की कोई टीम पहुंची है. 

वहीं बुधवार को भूख हड़ताल पर बैठै छात्रों में 6-7 की हालत अचानक बिगड़ गयी. जिन्हें देखने बुधवार को आनन-फानन में मेडिकल टीम पहुंची. वहीं डीएम, एसपी और एसडीओ भी आनन-फानन में पहुंचे. जिसके बाद भी इन छात्रों ने भूख हड़ताल को तोड़ने से मना कर दिया है.

दरअसल दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय में बीए, बीएड और बीएससी सहित बीएड के दो बैच चल रहे थे. मगर इन कोर्स की मान्यता एनसीटीई यानि नेशनल कॉसिल फॉर टीचर एजुकेशन से नहीं मिली. इन सबके बावजूद भी विश्वविद्यालय ने इनकी पढ़ाई जारी रखी. लेकिन अभी तक 2013 और 2014 सेशन के विद्यार्थियों की डिग्री को मान्यता नहीं मिली है जबकि अब ये पास आउट होने वाले हैं. इसलिए ये 90 स्टूडेंट भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

भूख हड़ताल पर छात्रों में अनुपम रवि कहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें सालों से सिर्फ ये आश्वासन दे रहा था कि उनकी डिग्री को मान्यता मिल जाएगी लेकिन ये सब केवल विश्वविद्यालय प्रशासन का ढकोसला था और अब तक मान्यता नहीं मिली है.

वहीं छात्रा आस्था का कहना है कि हमने इतने साल इस पढ़ाई में लगा दिए हैं. यहां से बाहर निकल क्या कहूंगीं ये जो मेरे पास डिग्री है ये सिर्फ कोरा कागज है इनकी कोई मोल नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमारा करियर बर्बाद कर दिया.

First published: 20 April 2017, 14:57 IST
 
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