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केंद्र ने लालू प्रसाद, अखिलेश यादव और सुरेश राणा सहित इन नेताओं की हटाई VIP सुरक्षा

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 July 2019, 8:28 IST

केंद्र ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद, बीजेपी विधायक संगीत सोम सहित कई राजनेताओं की मिली वीआईपी सुरक्षा कवर को वापस ले लिया है. इसके अलावा 130 से ज्यादा मामलों की समीक्षा करने के बाद अन्य नेताओं को विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली सुरक्षा को कम कर दिया गया है.

सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी है. बता दें कि मोदी सरकार के दोबारा कार्यभार संभालने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीआईपी सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा की पहली बार पूर्ण समीक्षा की. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र ने यूपी के पूर्व सीएम और सपा मुखिया अखिलेश यादव को मिली शीर्ष 'जेड प्लस' श्रेणी का एनएसजी सुरक्षा और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को मिली 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा को वापस ले लिया गया है.

इनके अलावा केंद्र ने बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार, हिमाचल प्रदेश के नव-नियुक्त राज्यपाल कलराज मिश्रा, बीजेपी के पूर्व नेता कीर्ति आजाद , शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के तीन नाती और पोतों, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक बेटी और नाती के नामों को भी सुरक्षा देने वाली केंद्रीय सूची से हटा दिया गया है. इन सभी वीआईपी को सीआरपीएफ,सीआईएसएफ, प्रतिष्ठित आतंकवाद रोधी बल एनएसजी जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के साथ कमांडो और दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जा रही थी.

इनके अलावा केंद्र ने यूपी सरकार में मंत्री और सरधना से बीजेपी विधायक सुरेश राणा, बिहार के वैशाली से सांसद वीणा देवी, राज्य से पूर्व सांसद उदय सिंह, यूपी के मंत्री बृजेश पाठक, बीजेपी के नेता अनुपम हाज़रा, इसरो अध्यक्ष के सिवन, पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार आर चिदंरबम और कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा की भी सुरक्षा वापस ले ली गई है. केंद्र ने बीजेपी के राज्यसभा सांसद ओपी माथुर, आचार्य प्रमोद कृष्णन, आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार, बीजेपी के पूर्व सांसद उदित राज के अलावा इटावा से बीजेपी सांसद राम शंकर कठेरिया के नाम भी केंद्रीय सुरक्षा देने वाली सूची से हटा दिया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, कांग्रेस नेता अवतार सिंह भडाना, पंजाब के मंत्री राणा गुरमीत सोढी, बिहार के पूर्व सांसद साबिर अली, कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा, मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति आदय प्रसाद पांडे, अंतरिक्ष वैज्ञानिक टी के एलेक्स और कुछ अन्यों के नाम भी केंद्र की सूची से हटा दिए गए हैं.

साथ ही बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के सांसद पुत्र चिराग पासवान, पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, सीआरपीएफ के पूर्व निदेशक के विजय कुमार और प्रकाश मिश्रा की सुरक्षा को भी कम किया गया है.

जिन नेताओं की वीआईपी सुरक्षा हटाई गई है उस सूची में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, राज बब्बर, दिग्विजय सिंह, एके एंटनी, मनीष तिवारी, लोकतांत्रिक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव का नाम भी शामिल है. इसके अलावा माकपा नेता सीताराम येचुरी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य और बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा की सुरक्षा में भी कटौती की गई है.

कांग्रेस के पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, एनआईए के महानिरीक्षक जी पी सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की सुरक्षा भी कम की गई है. इनके अलावा दिल्ली के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओ पी सैनी की सुरक्षा में भी कटौती की गई है. सूत्रों के मुताबिक, जिन नेताओं के नाम को केंद्र की सुरक्षा देने वाली सूची में से हटाया गया है उनमें से कुछ को सुरक्षा अलग-अलग राज्यों की पुलिस देगी.

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First published: 24 July 2019, 8:16 IST
 
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