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कश्मीर: अलगाववादियों पर सख्ती की तैयारी में मोदी सरकार, जब्त हो सकता है पासपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2016, 13:22 IST
(पीटीआई)

कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार अलगाववादियों पर सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि सरकार ने इसका प्लान तैयार कर लिया है.

इस बीच  केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई में कश्मीर में शांति बहाली के लिए गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक चल रही है. मंगलवार को राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी.

जम्मू-कश्मीर भेजे गए प्रतिनिधिमंडल में 20 राजनीतिक पार्टियों के 26 सांसद शामिल थे. गौरतलब है कि घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसक घटनाओं में अब तक 75 लोग मारे जा चुके हैं.

सुरक्षा और सुविधाएं घट सकती हैं

खबर है कि केंद्र सरकार अलगाववादियों पर सख्ती बरत सकती है और उनको दी जाने वाले सुविधाओं पर रोक लगाने का मास्टर प्लान तैयार है. अलगाववादियों की सुरक्षा घटाने का भी फैसला हो सकता है.

इसके अलावा अलगाववादियों का पासपोर्ट फ्रीज करके उनके विदेश दौरे पर लगाम लगाई जा सकती है. साथ ही मेडिकल सुविधा, होटल में ठहरने और अन्य सुविधाओं पर रोक लग सकती है. माना जा रहा है कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रति अलगाववादियों के रुख के बाद सरकार ने सख्ती का फैसला किया है.

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार अलगाववादियों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा कर रही है. सरकार ने तय किया है कि अमनपसंद लोगों को सरकार हर तरह की सुविधाएं देगी, लेकिन उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाएगी जो अमन-चैन छीनना चाहते हैं.

नहीं खुले थे गिलानी के घर के दरवाजे

इससे पहले चार सितंबर को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर का दौरा किया था. श्रीनगर में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिलने गए सांसदों को दरवाजे से ही वापस भेज दिया था.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अलगाववादी नेताओं के रवैये को इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के खिलाफ बताया था. इससे पहले मुस्लिम नेताओं का एक शिष्टमंडल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला था.

मुस्लिम नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने में पूर्ण सहयोग की पेशकश की. करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक के दौरान शिष्टमंडल में शामिल 20 मुस्लिम नेताओं ने राजनाथ सिंह को बताया कि वे कश्मीर घाटी में वर्तमान स्थिति से चिंतित हैं.

अलगाववदियों को महबूबा की लताड़

इस बीच सीएम महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादियों को लताड़ लगाई है. महबूबा ने कहा कि अलगाववादी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए विदेश भेजते हैं और यहां के छात्रों के हाथों में किताब की जगह पत्थर थमाते हैं.

हुर्रियत नेताओं को नसीहत देते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब तहरीक तहजीब से आगे निकल जाए तो तहरीक नहीं रहती. इस बीच सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत फेल होने का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर में विपक्ष ने महबूबा सरकार से अलगाववादियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

First published: 7 September 2016, 13:22 IST
 
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