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केंद्र का बड़ा फैसला- मॉब लिंचिंग पर टीवी और रेडियो पर प्रसारित होंगे संदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 September 2018, 10:38 IST
(ANI)

मॉब लिंचिंग को लेकर पूरे देश में क्रूरता से की जा रही हत्याओं के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद केंद्र सरकार ने ये सुनिश्चित किया कि भीड़ की हिंसा के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त चेतावनियां जारी करेगा. केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से ये भी कहा कि इस चेतावनी को रेडियो और टेलीविज़न के जरिये एक हफ्ते के भीतर ही प्रसारित करना शुरू कर दिया जाएगा.

केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें एक हफ्ते के भीतर रेडियो और टीवी पर एक सख्त संदेश प्रसारित करना शुरू करेंगी कि भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा "कानून के क्रोध" को बढ़ावा देंगी. यानी कि अब कानून अपने हाथ में लाना भीड़ के लिए आसान नहीं होगा.


भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई में एक बेंच द्वारा सरकार से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर सवाल पूछा गया था. इस सवाल के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से ये कहा गया की एक हफ्ते के भीतर ही इस मामले में चेतावनी जारी की जाएगी.

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17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को गृह विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों और राज्य पुलिस के माध्यम से रेडियो, टेलीविजन और अन्य मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करके ये सन्देश प्रसारित करने का निर्देश दिया था, "किसी भी तरह की भीड़ की हिंसा को कानून के तहत गंभीर परिणामों को देखना होगा.''

सोमवार को, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंग ने कार्यकर्ता तहसीन पुनावाला की पैरवी इस मामले में अदालत को ध्यान दिलाया. अपनी सबमिशन में सुश्री जयसिंग ने कहा कि इस मामले में जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हुआ है. जब अदालत ने अटॉर्नी जनरल के.के. से प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने जवाब दिया कि "ऐसा ही किया जाएगा, यदि पहले से नहीं किया गया है, तो एक सप्ताह के भीतर".

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मुख्य न्यायाधीश मिश्रा ने जस्टिस एएम सहित आदेश में कहा, "यह ध्यान में रखना होगा कि कहा गया निर्देश जारी किया गया था ताकि लोग अपने कार्य की गंभीरता को समझे और कानून व्यवस्था की स्थिति को महसूस कर सकें."

First published: 25 September 2018, 10:32 IST
 
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