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केंद्र सरकार ने एक साल में वकीलों पर खर्च किये 48 करोड़ रूपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 12:58 IST

2017-18 में सुप्रीम कोर्ट में सरकारी विभागों के मामलों की पैरवी करने के लिए केंद्र सरकार ने वकीलों की फीस पर 48 करोड़ रुपये खर्च किए. यह रकम 2011-2012 की तुलना में व्यय 336 फीसदी से अधिक है.

कानून मंत्रालय ने बुधवार को संसद प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी. केंद्र ने 2011-12 में इसी काम पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए थे. जबकि यह 2014-15 में यह 16 करोड़ रुपये, 2015-16 में 27 करोड़ रुपये और 2017-18 में 48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में सभी मुकदमों के 46 फीसदी सरकार के विभागों से जुड़े हुए हैं. इसमें रेलवे, वित्त, संचार, गृह और रक्षा मंत्रालय शीर्ष पांच केंद्रीय मंत्रालयों में शामिल हैं. आई-टी विभाग के एक अध्ययन से पता चला है कि उसके 2.87 लाख करोड़ रुपये के टैक्स से जुड़े लगभग 38,000 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं.

सरकार के मुकदमों को कम करने के बाद देशभर में 3.15 करोड़ लंबित अदालतों के मामले कम हो सकते हैं. केंद्र ने हाल ही में मामलों की वित्तीय सीमा को 1 करोड़ रूपए तक बढ़ाने का फैसला किया है जिसमें अदालत में एक प्रतिकूल एचसी आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी.

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First published: 20 July 2018, 12:58 IST
 
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