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उत्तराखंड में फिर लगा राष्ट्रपति शासन, HC के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2016, 1:46 IST

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने के नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने याचिका दाखिल की थी.

इसके साथ ही राज्य में एक बार फिर राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. गुरुवार को हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र के फैसले को खारिज कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक के लिए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने विधानसभा में 29 अप्रैल को बहुमत परीक्षण का आदेश दिया था.

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अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की. जस्टिस दीपक मिश्रा और शिवकीर्ति सिंह की डबल बेंच ने मामले पर सुनवाई की.

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27 अप्रैल को अगली सुनवाई


सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी. वहीं कांग्रेस के नौ बागी विधायकों ने भी सदस्यता रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रपति शासन हटाते हुए हरीश रावत से 29 अप्रैल को बहुमत साबित करने को कहा था. हाईकोर्ट ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता भी रद्द कर दी थी.

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27 मार्च को केंद्र की सिफारिश के बाद उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था. अदालत ने स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के बागियों की सदस्यता रद्द करने के फैसले को सही करार दिया था. 

हाईकोर्ट ने बागी विधायकों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "आपको अयोग्य होकर दल-बदल करने के 'संवैधानिक गुनाह' की कीमत अदा करनी होगी."

'फैसले की कॉपी सौंपे हाईकोर्ट'


सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि 21 अप्रैल के फैसले की कॉपी सभी पक्षों को 26 अप्रैल तक मुहैया कराई जाए. साथ ही इसी तारीख तक सुप्रीम कोर्ट को भी फैसले की कॉपी सौंपी जाए.

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वहीं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने दलील देते हुए कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से न्याय की भ्रूण हत्या हुई है. साथ ही अदालत ने फैसले की कॉपी नहीं दी तो आदेश कैसे लागू हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि मौखिक आदेश के बाद हरीश रावत का मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालना गलत है. अदालत ने केंद्र से भी कहा है कि 27 अप्रैल से पहले राष्ट्रपति शासन ना हटाया जाए.

रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हरीश रावत एक स्टिंग में खरीद-फरोख्त करते दिखे थे, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाने से पहले इस तथ्य पर गौर नहीं किया.

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First published: 23 April 2016, 1:46 IST
 
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