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तीन तलाक़: सुनवाई के पहले दिन सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2017, 17:08 IST

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है. यह सुनवाई लगातार 10 दिनों तक चलेगी. संविधान पीठ इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही है. पीठ यह देखेगी कि क्या यह धर्म का मामला है. अगर यह देखा गया कि यह धर्म का मामला है, तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी. लेकिन अगर यह धर्म का मामला नहीं निकला, तो सुनवाई आगे चलती रहेगी. 

सुनवाई में किसने क्या कहा? 

10:33 बजे

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक और अन्य याचिकाओं पर पहले सवाल निर्धारित किए जाएंगे इसके बाद इस पर सुनवाई की जाएगी.

10:48 बजे

सुनवाई की शुरुआत में चीफ जस्टिस ने कहा, ट्रिपल तलाक इस्लाम का मूल हिस्सा है या नहीं? इस पर सुनवाई होगी.

10:49 बजे

क्या तीन तलाक को मौलिक अधिकार के दायरे में लाया जा सकता है?: सुप्रीम कोर्ट

10:50 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी तीन तलाक और हलाला पर सुनवाई की जाएगी, बहुविवाह पर सुनवाई नहीं होगी.

10:51 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या तीन तलाक मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, इस पर सुनवाई की जाएगी.

11:03 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए तीन बिंदु निर्धारित किए हैं.

11:12 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्या तीन तलाक को पवित्र माना जा सकता है, इस पर सुनवाई की जाएगी.

11:31 बजे

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा था कि क्या धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत तलाक-ए-बिद्दत (एक बार में 3 तलाक कहना), हलाला और बहुविवाह की इजाजत दी जा सकती है ?

11:33 बजे

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मुद्दे पर 6 दिन तक सुनवाई चलेगी.

11:42 बजे

6 दिन की सुनवाई में तीन दिन ट्रिपल तलाक को चुनौती देने वालों की सुनवाई होगी और तीन दिन डिफेंड करने वालों की.

11:43 बजे

सलमान खुर्शीद ने कहा कि तीन तलाक कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि पति और पत्नी दोनों की इच्छा के बिना इसे पूरा नहीं माना जाता है.

11:45 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को सुनवाई में मदद के लिए न्याय मित्र के तौर पर शामिल किया है.

11:47 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने खुर्शीद से पूछा कि क्या तीन बार तलाक बोलना संहिताबद्ध है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है.

11:48 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने यह जानना चाहा है कि मुस्लिम पर्नल लॉ क्या है. यह शरीयत है या कुछ और?

11:51 बजे

सलमान खुर्शीद की तीन तलाक को मुद्दा न मानने वाली बात को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सपोर्ट किया है.

12:02 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों को बेंच द्वारा तय किए गए दो सवालों पर जिरह करने के लिए दो-दो दिन मिलेंगे.

12:22 बजे

जस्टिस नरीमन ने कहा है कि एक बार में तीन तलाक बोलने के मामले पर सुनवाई होगी. तीन महीने के अंतराल पर बोले गए तलाक पर विचार नहीं.

12:35 बजे

याचिकाकर्ता फरहा फैज ने कहा कि तीन तलाक को एक बार में बोलना, हटाया जाना चाहिए.

12:36 बजे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक की संवैधानिक वैधता के आधार पर फैसला दिया जाएगा.

क्या बोले पर्सनल लॉ बोर्ड के नुमाइंदे

महिलाएं शरीयत कानून से वाकिफ हैं और इसमें परिवर्तन नहीं चाहती हैं, बस तीन तलाक के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएः शाइस्ता अंबर

हमें विश्वास है कि संवैधानिक तरीके से तीन तलाक पर फैसला दिया जाएगाः मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली

First published: 11 May 2017, 17:08 IST
 
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