Home » इंडिया » Live Champaran Satyagraha Upadate :parameshwaran iyer stood up during Modi's speech in Champaran
 

चंपारण में PM मोदी के भाषण के दौरान अचानक खड़ा हुआ ये व्यक्ति आखिर है कौन ?

सुनील रावत | Updated on: 10 April 2018, 15:36 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चंपारण में सत्याग्रह शताब्दी समापन समारोह के अवसर पर कई परियोजनाओं का शिलाविन्यास किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने 'स्वच्छ भारत अभियान' की सफलता का ख़ास जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में बिहार में 85000 से ज्यादा टॉयलेट बने हैं जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. बता दें कि इस समारोह में करीब 20,000 स्वच्छाग्रही शिरकत कर रहे थे.

जब पीएम मोदी इस अभियान की सफलता का जिक्र कर रहे थे तो उन्होंने पीएम मोदी के इस अभियान में अहम योगदान देने वाले अधिकारी परमेश्वरन अय्यर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा ''सरकारी अधिकारी जो काम करते हैं, आमतौर पर वह अनाम रहता है. वह पर्दे के पीछे काम करते हैं, लेकिन कुछ बात ऐसी होती है, जिसे बताने का मन करता है''.

पीएम ने कहा ''आज भारत सरकार में हमारे सचिव परमेश्वरन जी अय्यर इस काम को देख रहे हैं. वह आईएएस की नौकरी छोड़कर अमेरिका चले गए थे लेकिन हमारी सरकार बनने के बाद हमने आह्वान किया. हमें खुशी है कि वह हमारे आह्वान पर अमेरिका की शानदार जिंदगी को छोड़कर वापस लौट आए.' इस दौरान वहां मौजूद अय्यर अपनी सीट से खड़े हो गए.

ये है परमेश्वरन अय्यर की पूरी कहानी

मोदी सरकार का स्वच्छ भारत अभियान शायद यह सफलता प्राप्त न कर पाता अगर वह देश छोड़ चुके पूर्व आईएएस अफसर परमेश्वरन अय्यर को वापस न बुलाती. अय्यर 1981 बैच के यूपी कार्डर के आईएएस अफसर हैं. अय्यर ने तकरीबन 9 साल पहले साल 2009 में वोलंटरी रिटायरमेंट ले लिया था. वोलंटरी रिटायरमेंट के बाद वह वर्ल्डबैंक के साथ जुड़ गए.

अय्यर अपनी सर्विस से पहले वर्ल्डबैंक में वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम में काम कर चुके है. साल 2006 में उन्होंने ग्रामीण जल स्वच्छता को लेकर खूब काम किया.  इस दौरान अय्यर कई देशों में गए जहां उन्होंने स्वच्छता को लेकर कई काम किये.  

इस दौरान वह विदेशों में रहते थे और इसको लेकर भारत सरकार ने उन्हें नोटिस तक जारी किया था। अंततः साल 2009 में उन्होंने नौकरी से रिटायरमेंट ले लिया. परमेश्वरन अय्यर वर्ल्डबैंक में साल 2012 से जल आपूर्ति और स्वच्छता के मुद्दों पर काम कर रहे थे.  इस दौरान उन्होंने अमेरिका, मिस्र लेबनान, हनोई, वियतनाम जैसी जगहों पर काम किया. वियतनाम में उनके द्वारा स्वच्छ जल को लेकर किये गए काम को लेकर उनको खूब सराहना मिली. 

 ये भी पढ़ें : चंपारण में बोले पीएम मोदी- लोगों को तोड़ने का काम कर रहा है विपक्ष

क्यों आयी परमेश्वरन अय्यर की याद ?

नरेन्द्र मोदी सरकार ने जब 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान स्कीम शुरू की लेकिन 2 साल में इस अभियान की धार धीमी होने लगी. स्वच्छ भारत अभियान की कमान मोदी सरकार ने सबसे पहले गुजरात कार्डर के 1980 बैच के आईएएस अफसर विजय लक्ष्मी जोशी को दिया लेकिन उन्होंने अचानक नवम्बर 2015 में वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया. 

3 फ़रवरी 2016 को मोदी सरकार ने अय्यर को वापस बुलाकर स्वच्छ भारत अभियान में स्वच्छता विशेषज्ञ बना दिया. सरकार ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान में संयुक्त सचिव बनाया. अय्यर को भले ही कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर दो साल के लिए पद दिया गया है लेकिन यह अपने आप में पहली बार हुआ है जब सरकार ने एक रिटायर आईएएस अफसर को सरकार के सबसे बड़े मिशन की जिम्मेदारी सौंपी स्वच्छ भारत अभियान में परमेश्वरन अय्यर का प्रदर्शन तमाम रिटायरमेंट ले चुके आईएएस अफसरों के लिए प्रेरणादायक भी है.

First published: 10 April 2018, 15:20 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी