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Chandrayaan 2 ने पूरी की चंद्रमा की पांचवीं परिक्रमा, आज चंद्रयान से अलग होगा लैंडर विक्रम

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 September 2019, 9:11 IST

आज इसरो की चंद्रयान 2 को लेकर अंतरिक्ष में कड़ी परीक्षा है क्योंकि आज लैंडर विक्रम चंद्रयान-2 से अलग होगा. उसके बाद लैंडर विक्रम से रोबोट प्रज्ञान अलग होगा. जो चंद्रमा पर तमाम जानकारियां जुटाएगा. बता दें कि चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की पांचवीं और आखिरी परिक्रमा कल यानी रविवार को ही पूरी कर ली थी. अब लैंडर विक्रम को अंतरिक्ष यान से अलग करने की तैयारी की जा रही हैं. लैंडर विक्रम आज यानी सोमवार को चंद्रयान-2 से अलग होगा. इसरो के इस मिशन के अबतक के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और इसमें किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं आई है.

इसरो के बेंगलूरू मुख्यालय से बताया गया कि रविवार शाम 6.11 पर चंद्रयान-2 ने पांचवीं परिक्रमा पूरी कर ली. इस दौरान उसने यान में लगाए गए प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग किया. इस प्रक्रिया में कुल 52 सेकेंड लगे. बता दें कि इस समय चंद्रयान-2 चंद्रमा के 119 गुणा 127 के परिक्रमा पथ पर आ गया है. अब अगले चरण में लैंडर विक्रम को अंतरिक्षयान से अलग होना है. जो सोमवार दोपहर 12:45 बजे से 13:45 बजे के बीच पूरा होगा.

इसके बाद लैंडर विक्रम सोमवार और मंगलवार को दो बार परिक्रमा पथ पर अपनी जगह बदलेगा. इसरो चेयरमैन के डॉ. सिवन के मुताबिक, इसके बाद वह चंद्रमा पर उतरने के लिए आगे बढ़ेगा. उसे सात सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग प्रक्रिया से पहुंचाया जाना है. यह बेहद रोमांचक लेकिन तनाव भरा समय होगा, क्योंकि इसरो के लिए ये चुनौती भरी प्रक्रिया होगा. यही नहीं भारत ने आज तक ऐसा काम भी नहीं किया है. बता दें कि इसरो ने 22 जुलाई को धरती से चंद्रयान-2 को लॉन्च किया था. जो बीती 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया था.

बता दें कि इसके बाद 7 सितंबर को रात 1:30 बजे विक्रम और इसके अंदर मौजूद रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर उतरेगा. इस प्रक्रिया में करीब 60 मिनट लगेंगे उसके बाद करीब 2:30 मिनट ये प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. लैंडिंग के बाद सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे के बीच विक्रम से निकलकर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर चलेगा और कई प्रयोग करेगा. विक्रम और प्रज्ञान दोनों विभिन्न प्रयोगों को पूरे एक चंद्र दिन यानी पृथ्वी केे 14 दिन के बराबर में अंजाम देगा. इस दौरान उनका जोर बर्फ, धातु और खनिजों की खोज सहित चंद्रमा, पृथ्वी और सौरमंडल के इतिहास से जुड़े तथ्यों की खोज पर होगा.

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First published: 2 September 2019, 9:11 IST
 
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