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Chandrayaan 2 ने भेजी एक और शानदार तस्वीर, दिखाई दिया ये खास क्रेटर

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2019, 12:12 IST
(File Photo)

ISRO का चंद्रयान मिशन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. चंद्रयान-2 हर रोज कोई ना कोई नई जानकारी इसरो को भेज रहा है. जिसमें कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं. चंद्रयान 2 6-7 सितंबर को चंद्रमा पर लैंडिंग करेगा. फिलहाल यह चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है. इसरो ने सोमवार को जानकारी दी कि इस वक्त चंद्रयान-2 चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है और उसने कुछ तस्वीरें भी क्लिक की है.

इन तस्वीरों में चंद्रमा की सतह पर मौजूूद कई बड़े-बड़े क्रेटर दिखाई दे रहे हैं. बता दें कि चंद्रमा पर मौजूद गड्ढों को क्रेटर कहा जाता है. जो जमीन से धंबेनुमा दिखाई देते हैंहाल ही में चंद्रयान-2 द्वारा ली गई एक तस्वीर को इसरो ने जारी किया है. तस्वीर को शेयर करते हुए इसरो ने बताया कि इन तस्वीरों में ‘सोमरफेल्ड’, ‘किर्कवुड’, ‘जैक्सन’, ‘माक’, ‘कोरोलेव’, ‘मित्रा’, ‘प्लासकेट’, ‘रोझदेस्तवेंस्की’ और ‘हर्माइट’ नामक विशाल गड्ढे दिखाई दे रहे हैं. इन विशाल गड्ढों का नाम महान वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष यात्रियों और भौतिक विज्ञानियों के नाम पर रखा गया है.

बता दें कि चंद्रमा पर मौजूद एक विशाल गड्ढे ‘मित्रा’ का नाम भारतीय भौतिक विज्ञानी और पद्म भूषण से सम्मानित प्रोफेसर शिशिर कुमार मित्रा के नाम पर रखा गया है. प्रोफेसर मित्रा को आयनमंडल और रेडियोफिजिक्स के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी जाना जाता है.

बता दें कि इससे पहले भी चंद्रयान-2 ने कुछ तस्वीरें भेजे थीं. जिनमें चांद पर मौजूूद तमाम गड्ढे दिखाई दे रहे थे. हाल ही में भेजी गईं तस्वीरें 23 अगस्त को चंद्रयान-2 के टेरेन मैपिंग कैमरा-2 द्वारा करीब 4375 किलोमीटर की ऊंचाई से ली गई हैं. चंद्रयान-2 द्वारा ली गई पहली तस्वीर इसरो ने 22 अगस्त को जारी की थी. बता दें कि चंद्रयान 2 तीन मॉड्यूल वाला अंतरिक्ष यान है जिसमें आर्बिटर, लैंडर और रोवर शामिल है. लैंडिंग के बाद रोवर प्रज्ञान ही चांद पर निकलेगा और रिसर्च करेगा. गौरतलब है कि इसरो ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया था.

इसरो ने 21 अगस्त को ‘चंद्रयान-2’ को चांद की कक्षा में दूसरी बार आगे बढ़ाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली थी. इसरो ने इसके साथ ही कहा था कि इस प्रक्रिया को पूरी होने के बाद यान की सभी गतिविधियां सामान्य हैं. इसके बाद अब यान को चंद्रमा की कक्षा में आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा. आगामी दो सितंबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और 6-7 सितंबर के बीच चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा.

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First published: 27 August 2019, 12:13 IST
 
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