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सुप्रीम कोर्ट: कोलिजियम विवाद पर टॉप-2 जजों से मिले CJI दीपक मिश्रा, बोले- मामले का निपटारा जल्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 April 2018, 8:32 IST

चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया दीपक मिश्रा जजों की नियुक्ति मामले में अपने दो सहयोगियों से मिले और उनको सूचित किया गया है कि वे चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं. जस्टिस चेलमेश्वर और कुरियन जोशेफ के पत्र के बाद जिसमे उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति को रोकने में सरकार की भूमिका के बारे में पूछा गया था, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया दीपक मिश्रा ने इस पर काम करने की बात कही है. 

इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक दीपक मिश्रा ने जस्टिस रंजन गोगोई और कुरियन जोसफ से अनौपचारिक मुलाकात की और उन्हें बतया की वो सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित मुद्दों पर काम कर रहे हैं.

आधे घंटे की यह अनौपचारिक मुलाकात सुप्रीम कोर्ट परिसर में बने नए जिम के उद्घाटन समारोह में हुई, जिसका उद्घाटन चीफ जस्टिस को करना था. पत्रों का का उल्लेख किये बिना और उन नामों को सार्वजानिक किये बिना दीपक मिश्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मीटिंग का जिक्र अपने सहकर्मियों से किया. सूत्रों ने बताया कि लोकपाल चयन समिति पर चर्चा करने के लिए सीजेआई ने एक बैठक में पीएम मोदी से बात की थी.

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जस्टिस गोगोई और जोसेफ सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के सदस्य हैं, और सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों में से एक थे जिन्होंने जनवरी में एक संवाददाता सम्मेलन में अदालत के कामकाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सीजेआई के पत्र के साथ सार्वजनिक किया. अन्य दो जज चेलमेश्वर और मदन लोकुर बुधवार को हुई इस अनौपचारिक मीटिंग में उपस्थित नहीं थे.

सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई मिश्रा अभी तक दो पत्रों के लिए एक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, जिसे जस्टिस चेलामेश्वर और जोसेफ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीशों को भी भेजा गया था.

 

क्या है मामला
कोलेजियम के सदस्य वरिष्ठ जज एक-एक कर सरकार की कथित दखंलदाजी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसके निराकरण के कदम नहीं उठाने पर सवाल ख़़डे कर रहे हैं. शीषर्ष अदालत में दूसरे नंबर के वरिष्ठतम जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर की ओर से इस बाबत प्रधान न्यायाधीश [सीजेआई] दीपक मिश्रा को लिखी चिट्ठी सुर्खियों से ओझल भी नहीं हुई कि दूसरे वरिष्ठ जज कुरियन जोसेफ ने भी सीजेआई को पत्र लिख कर जजों की नियुक्ति की कोलेजियम की सिफारिश दबाकर बैठने के सरकार के रवैये पर एतराज जताया है.

उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्व संकट में है. उन्होंने सीजेआई से इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेकर सात वरिष्ठ जजों की पीठ द्वारा खुली अदालत में सुनवाई किए जाने की बात कही है. जस्टिस कुरियन जोसेफ ने गत नौ अप्रैल को सीजेआई को पत्र लिखा, जिसमें सरकार पर उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और वकील इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किए जाने की कोलेजियम की सिफारिश दबाकर बैठ जाने का आरोप लगाया गया है.

कहा कि इतिहास हमें माफ नहीं करेगा अगर शीषर्ष अदालत सरकार के कोलेजियम की सिफारिश दबाकर बैठ जाने के रवैये का जवाब नहीं देगी. कोर्ट को मामले में तत्काल दखल देना चाहिए और इस मसले पर जस्टिस करनन के केस की तरह स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की जानी चाहिए.

First published: 14 April 2018, 8:32 IST
 
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