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#चेन्नईबाढ़ः सैलाब में घुटती कुछ त्रासद कहानियां

श्रिया मोहन | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST

चेन्नई में जब बारिश शुरू हुई तो कुछ दिनों तक लोगों को काफ़ी मजा आया. स्कूल बंद हो गए, परीक्षाएं टल गईं, देर से दफ़्तर जाना या फिर नहीं जाना. ये सब बहुत मजेदार था.

उस दौरान व्हाट्सऐप पर 'चेन्नई के विद्यामंदिर स्कूल बना स्विमिंग पूल', 'वेलैचेरी बना वेनिस' और  'चेन्नईवाले बाहुबली' जैसी तस्वीरें शेयर हो रही थीं.

लेकिन जब बारिश का पानी लोगों के घरों के अंदर पहुंचने लगा तो हंसी-मजाक छू मंतर हो गया. बाढ़ का पानी लोगों के ड्राइंगरूम और किचन तक पहुंच गया है. गाड़ियां पानी में डूबने लगीं, रास्ते चारों तरफ़ से बंद होने लगे.

तमिलनाडु, चेन्नई, बाढ़
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि चेन्नई में अब तक 269 लोगों की मौत बाढ़ के चलते हो चुकी है. उन्होंने कहा कि चेन्नई में बारिश ने पिछले 100 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसने हमारे ज़हन में 2005 की मुंबई बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं.

ट्रेनें देरी से चल रही हैं. ताम्बरम एयरपोर्ट पूरी तरह ठप्प है. संभावित दुर्घटनाओं के मद्देनजर जलजमाव वाले कई इलाक़ों में एहतियातन बिजली काट दी गई है.

स्थिति इतनी खराब हो गई कि अड्डियार नदी पर बने सईपेट पुल को पानी लगने के कारण बंद करना पड़ा है.
तमिलनाडु, चेन्नई, बाढ़

शहर के कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है. थल सेना, नौसेना और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ़) के जवान बाढ़ में फंसे हुए लोगों की मदद कर रहे हैं.

नौसेना बाढ़ वाले इलाक़े में ड्रोन से हवाई सर्वे कर रही है. ताम्बरम में नौसेना के दो अफसर और 50 तैराक तैनात किए गए हैं.

सेना सुदूर इलाकों में संपर्क करने के लिए रेडियो का प्रयोग कर रही है. एनडीआरएफ ने राज्य में पहले ही 10 टीमें तैनात कर रखी हैं. पांच अन्य टीमें भी राज्य में शीघ्र पहुंचनी वाली हैं, जिनमें 300 राहतकर्मी होंगे.

कई स्वयंसेवी संगठन भी राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं. लोग सूचना के आदान-प्रदान के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहे हैं.

तमिलनाडु, चेन्नई, बाढ़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा स्थिति पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू के साथ आपात बैठक की है.

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक और ज्यादा बारिश होने की संभावना है.

मौसम विभाग के निदेशक एलएस राठौर के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है. उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटों तक हालात 'नाजुक' बने रहेंगे.

हालात को गंभीरता और जमीन पर पहुंच रही राहत का अंदाजा लगाने के लिए कैच न्यूज़ ने कुछ चेन्नईवासियों से बात की.

50 वर्षीय नीलिमा घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं. पिछले दो दिनों से वो अपने दो घर के दूसरे तल्ले पर कैद हैं. उनके साथ उनके 28 और 24 वर्षीय बेटे भी उनके साथ फंसे हुए हैं. घर में राशन खत्म हो चुका है. हर रोज वो स्वयंसेवी संगठनों की तरफ से पहुंचाए जा रहे खाने के पैकेट का इंतजार करती रहती हैं. ये खाने के पैकेट पास-पड़ोस के लोग उनकी मदद के लिए बनवा कर भेजते हैं.

30 वर्षीय पेरियास्वामी पेशे से ड्राइवर हैं और चिन्नामलाई में अपनी पत्नी और बच्ची के साथ रहते हैं. उनकी बेटी पहली क्लास में पढ़ती है. जब उनके घर में पानी घुस गया तो उन्हें अपना जरूरी सर-सामान लेकर एक रिश्तेदार के घर शिफ्ट होना पड़ा. बस, गाड़ियां, मेट्रो सभी के बंद होने के कारण उन्हें ढेरों दुश्वारियों का सामना करना पड़ा.

तमिलनाडु, चेन्नई, बाढ़

श्रीराम और विजया अपनी पांच साल की बेटी चिन्मया के साथ उत्तरी चेन्नई के अशोक नगर में रहते हैं. एक दिन पहले तक इस इलाके में बाढ़ की स्थिति उतनी खराब नहीं थी. इसीलिए जब उनकी बहन ने कल उनको फ़ोन करके सुरक्षा की दृष्टि से अपने घर बुलाया तो उन्होंने मना कर दिया. लेकिन रात भर हुई बारिश के बाद हालात एकदम से बदल गए. सुबह जब उनकी आंख खुली तो पानी उनके ड्राइंगरूम में घुस चुका था. देखते ही देखते पानी तीन फीट तक पहुंच गया. फ्रिज और वाशिंग मशीन समेत तमाम चीज़ें पानी में डूब गईं.

उनकी पत्नी ने जरूरी सामान बांधा और वो अपनी बेटी को कंधे पर उठाकर नजदीकी होटल में पहुंचे. पहले तो होटल मालिक ने ये कहकर कमरा देने से मना कर दिया कि कमरा खाली नहीं है. श्रीराम कहते हैं, "मैं उनके सामने गिड़गिड़ाया. वहां लोग मुंहमांगा किराया देने को तैयार थे. मुझे 2800 रुपये में एक कमरा मिला."

वो कहते हैं, "मुझे उम्मीद है कि होटल वाले खाने की भी व्यवस्था करेंगे."

सरिता अपने पति और दो बच्चों के साथ चेन्नई के आरएपुरम में रहती हैं. वो कहती हैं, "आज हम खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए बाहर निकले थे. हमने देखा लोग हाथों में बिस्किट, नूडल्स और दूसरी चीज़ें लेकर आ रहे थे. लोगों को लग रहा है कि अगर गैस खत्म हो गई और बिजली भी कट गई तो खाने-पीने के लिए ये सब काम आएगा."

चेन्नई की मछुवारा बस्ती के घरों में जल जमाव के कारण कोबरा और दूसरे सांप लोगों के घरों में घुस गए हैं.

श्रीराम कहते हैं, "मुझे नहीं पता कि आगे क्या करूंगा. जब तक पानी कम नहीं होता हमें किसी तरह से गुजारा करना होगा."

लोगों के चेहरों से मुस्कान गायब है, कभी-कभार बच्चों के चेहरों पर हंसी देखने को मिल जाती है.

सर्वेश इस साल 12वीं की परीक्षा देंगे. वो इस बात से ख़ुश हैं कि बाढ़ के कारण उनकी इस हफ़्ते होने वाली मिड-टर्म परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए टल गई है.

सर्वेश कहते  हैं, "हमारा स्कूल लंबे समय के लिए बंद हो गया है. हम जितनी देर चाहे उतनी देर खेल सकते हैं. हमारी मौज है."

First published: 3 December 2015, 9:52 IST
 
श्रिया मोहन @shriyamohan

एडिटर, डेवलपमेंटल स्टोरी, कैच न्यूज़

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