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छत्तीसगढ़ में अनूठी पहल: घरों के बाहर बेटियों की नेमप्लेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2016, 18:18 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित जिले बालोद के गांवों में लोगों ने स्थानीय प्रशासन की अनूठे पहल के तहत अपने घरों के बाहर अपनी बेटियों की नेमप्लेट लगाई है. लड़कियों की शिक्षा एवं समाज में उनकी पहचान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने डेढ़ महीने पहले इस पहल की शुरुआत की थी.

बालोद के कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने बताया, ‘‘लोगों को बच्चियों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए और लड़कियों में साक्षरता बढ़ाने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है.'  उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए नेमप्लेट को हरे रंग से रंगा गया है और इस पर सफेद पेंट से नाम लिखे गए हैं.

उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम के तहत बालोद के विभिन्न गांवों में विभिन्न आयु वर्ग की करीब 2,700 लड़कियों के नाम की पट्टियां उनके घरों के बाहर लगाई गई हैं.

बालोद के एक गांव की 11वीं की छात्रा पेमिना साहू ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए सपना साकार होने जैसा है. इस मुहिम के कारण लड़कियों के प्रति गांवों के लोगों की सोच बदल रही है.” 

बालोद की लड़कियों का कहना है कि इस प्रकार की मुहिम केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह राज्य के हर कोने में शुरू की जानी चाहिए ताकि लोगों को यह अहसास दिलाया जा सके कि लड़कियां किसी भी तरह लड़कों से कम नहीं हैं.

First published: 29 July 2016, 18:18 IST
 
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