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शादी में नाचने गए थे...माओवादी बताकर गिरफ्तार कर लिया

राजकुमार सोनी | Updated on: 23 April 2016, 21:11 IST
QUICK PILL
  • छत्तीसगढ़ पुलिस ने आठ ग्रामीणों को माओवादी बताकर गिरफ्तार किया. गिरफ्तार ग्रामीण पूर्व विधायक की बेटी की शादी से लौट रहे थे.
  • गिरफ्तार गांववालों के परिजन उन्हें निर्दोष बता रहे हैं. छत्तीसगढ़ पुलिस पर पहले भी आम ग्रामीणों को माओवादी बताकर गिरफ्तार करने के आरोप लगते रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के बस्तर में ग्रामीणों को माओवादी बताकर उन्हें गिरफ्तार करने और फिर जेल में ठूंस देने के सिलसिले पर अब तक विराम नहीं लग पाया है. इसी महीने 19 अप्रैल को धुर माओवाद प्रभावित इलाके दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायत पोटली के 8 ग्रामीण तब माओवादी बताकर गिरफ्तार कर लिए गए जब वे एक पूर्व विधायक नंदाराम सोढ़ी के बेटे की शादी से नाच-गाकर लौट रहे थे.

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दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने बताया कि गिरफ्तार महिला माओवादी माड़वी देवे पर एक लाख रुपए का इनाम था और वह 13 मई 2012 को थाना किरन्दुल में सीआईएसएफ के सात जवानों की हत्या में शामिल थी. जबकि कुमारी मड़काम भीमे भी गंभीर अपराधों में लिप्त थी. एक अन्य माओवादी सुक्काराम मण्डावी अरनपुर से कोण्डापारा के बीच के जवानों को मौत के घाट सुलाने के लिए प्रेशर बम लगाने की घटना में शामिल रहा है.

गिरफ्तार आदिवासी की बेटी ने पूछा क्या माओवादी होते तो बारात में नाचने जाते?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए अन्य आदिवासी हुंगाराम, हडमाराम, सिक्काराम, बिटटूराम, बलवन्त मण्डावी और सन्नाराम भूमकाल के सदस्य थे और उन पर पुलिस पर हमले के कई आरोप थे.

माओवादी होते तो क्या खुलेआम नाचते-गाते?


इधर ग्रामीणों की गिरफ्तारी के बाद गांव वालों ने पुलिस पर मामले में फंसा देने का आरोप लगाया है. गांव के पटेल जोगाराम मण्डावी का कहना है कि गांव वाले नंदाराम के बेटे की शादी में गए थे, लेकिन पुलिस के ही किसी मुखबिर की झूठी सूचना पर बेकसूर लोगों को गिरफ्तार कर माओवादी ठहरा दिया गया.

जोगाराम ने बताया कि जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं वे सब पहले भी शादी-ब्याह और तीज-त्योहार के मौके पर एक गांव से दूसरे गांव आते-जाते रहे हैं, लेकिन तब किसी ने उन्हें माओवादी नहीं बताया था.

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जोगाराम ने कहा कि यदि पुलिस ऐसे ही लोगों को झूठे मामले में गिरफ्तार करती रही तो ग्रामीण अपने तीज-त्योहार और हंसी-खुशी के मौके भूल जाएंगे और अपनी संस्कृति से कटकर खत्म हो जाएंगे.

आदिवासी नेता सोनी सोढ़ी ने कहा कि पुलिस आदिवासी नौजवानों को निशाना बना रही है

नंदा सोढ़ी की बेटी विमला सोढ़ी ने कहा कि पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है वो माओवादी होते तो क्या वे नाचने-गाने के लिए शादियों में जाएंगे. पोटली के ग्रामीणों ने बताया कि सभी लोग जब शाम सात बजे जब एक पिकअप वाहन से लौट रहे थे तब पालनार और समेली मार्ग के बीच सीआरपीएफ के जवानों ने जबरिया रास्ता रोका और ग्रामीणों को वाहन से उतार लिया. फिर बाद में इन्हें पुलिस को सौंप दिया गया.

जिन आठ लोगों को पुलिस ने माओवादी बताकर गिरफ्तार किया उनके परिजन जब 20 अप्रैल को दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे तो उन्हें खदेड़ दिया गया.

युवाओं को निशाना


बस्तर में लगातार ग्रामीणों को माओवादी बाकर जेल में ठूंसे जाने पर आदिवासी नेत्री सोनी सोढ़ी ने एतराज जताया है. सोनी सोढ़ी का कहना है कि बस्तर की पुलिस आदिवासी युवक एवं युवतियों को लक्ष्य बनाकर काम कर रही है.

सोढ़ी ने कहा कि पुलिस को यह लगता है कि गांव के बेरोजगार युवा हथियार थाम सकते हैं. अगर पुलिस को बेरोजगारी की इतनी ही चिन्ता हैं तो उसे रोजगार देने के बारे में उपाय ढूंढना चाहिए.

First published: 23 April 2016, 21:11 IST
 
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