Home » इंडिया » Chhota Rajan and three others awarded seven years jail term in a fake passport case, by a Delhi Court
 

फ़र्ज़ी पासपोर्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को 7 साल जेल की सज़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2017, 15:53 IST
(फाइल फोटो)

फर्जी पासपोर्ट मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को दिल्ली की कोर्ट ने सात साल जेल की सजा सुनाई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में सोमवार को राजन के अलावा तीन अन्य अभियुक्तों को दोषी करार दिया था. 

अदालत ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोपों को सही ठहराते हुए छोटा राजन के अलावा बेंगलुरु में पासपोर्ट विभाग के उस वक्त के तीन अफसरों को भी सात साल जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने चारों दोषियों पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है. 

2015 में इंडोनेशिया से हुई थी गिरफ़्तारी

अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निखलजे को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था. 1995 से उसे इंटरपोल ने वॉन्टेड लिस्ट में डाल रखा था. सीबीआई ने उसकी गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क साधा था. जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से लौटते वक्त गुप्त सूचना के आधार पर उसे बाली पुलिस ने पकड़ा था.

बाद में छोटा राजन को भारतीय जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया गया. भारत पहुंचते ही राजन को फर्जी पासपोर्ट के मामले में सीबीआई ने गिरफ़्तार कर लिया था. दाऊद गैंग से अलगाव के बाद दो दशक से छोटा राजन फरार था.

क्या था पूरा मामला?

न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल की अदालत ने इस मामले में बेंगलुरु स्थित पासपोर्ट दफ्तर के तत्कालीन तीन अफसरों को भी दोषी ठहराते हुए सात साल क़ैद और जुर्माने की सजा सुनाई है.

70 से ज्यादा मुकदमों में आरोपी छोटा राजन के खिलाफ यह पहला मामला है जिसमें उसे सज़ा सुनाई गई है. इस मामले में ट्रायल अक्टूबर 2016 में ही खत्म हो गया था.

बेंगलुरु में बना था पासपोर्ट

पहले मामले से जुड़ी एक याचिका के हाई कोर्ट में लंबित होने की वजह से और फिर ट्रायल कोर्ट के जज का तबादला होने के कारण यह मामला छह महीने तक अटका रहा. गिरफ्तारी के वक्त छोटा राजन के पास से बरामद फर्जी पासपोर्ट बेंगलुरु में बना था.

राजन का दावा था कि वह लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन और अपने पुराने साथी दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था. राजन का दावा था कि यह फर्जी पासपोर्ट भी भारतीय एजेंसियों ने ही उसे मुहैया कराया था.

First published: 25 April 2017, 15:44 IST
 
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