Home » इंडिया » Chhota Rajan and three others convicted in a fake passport case by a Delhi court
 

फ़र्ज़ी पासपोर्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन दोषी करार

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 April 2017, 16:29 IST

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को फ़र्ज़ी पासपोर्ट मामले में दिल्ली की अदालत ने दोषी करार दिया है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में छोटा राजन को दोषी ठहराया है. अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निखलजे को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था.

1995 से उसे इंटरपोल ने वॉन्टेड लिस्ट में डाल रखा था. सीबीआई ने उसकी गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क साधा था. जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से लौटते वक्त गुप्त सूचना के आधार पर उसे बाली पुलिस ने पकड़ा था. 

सात साल की सजा मुमकिन

बाद में छोटा राजन को भारतीय जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया गया. भारत पहुंचते ही राजन को फर्जी पासपोर्ट के मामले में सीबीआई ने गिरफ़्तार कर लिया था. दाऊद गैंग से अलगाव के बाद दो दशक से छोटा राजन फरार था. 

पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में छोटा राजन के अलावा तीन अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से इन तीनों दोषियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. फिलहाल ये तीनों आरोपी जमानत पर बाहर थे. इस मामले में छोटा राजन को सात सजा जेल की सजा हो सकती है. 

70 मुकदमों में पहला फ़ैसला

फर्जी पासपोर्ट मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के खिलाफ अंतिम बहस पूरी होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल की अदालत में अब सजा पर मंगलवार को बहस होगी. इस मामले में बेंगलुरु स्थित पासपोर्ट दफ्तर के तत्कालीन तीन अधिकारी भी आरोपी हैं. 70 से ज्यादा मुकदमों में आरोपी छोटा राजन के खिलाफ यह पहला मामला है जिसमें अदालत सजा सुनाएगी. 

बेंगलुरु में बना था पासपोर्ट

इस मामले में ट्रायल अक्टूबर 2016 में ही खत्म हो गया था. पहले मामले से जुड़ी एक याचिका के हाई कोर्ट में लंबित होने की वजह से और फिर ट्रायल कोर्ट के जज का तबादला होने के कारण यह मामला छह महीने तक अटका रहा. 

गिरफ्तारी के वक्त छोटा राजन के पास से बरामद फर्जी पासपोर्ट बेंगलुरु में बना था. राजन का दावा था कि वह लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन और अपने पुराने साथी दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था. राजन का दावा था कि यह फर्जी पासपोर्ट भी भारतीय एजेंसियों ने ही उसे मुहैया कराया था.

First published: 24 April 2017, 15:21 IST
 
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