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राफेल के आगे कहीं नहीं टिकते चीन और पाकिस्तान के लड़ाकू विमान, बढ़ी भारतीय वायुसेना की ताकत

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2020, 10:58 IST

Rafale In India: फ्रांस से पांच राफेल फाइटर जेट्स भारत पहुंच चुके हैं. सोमवार को फ्रांस से उड़े पांचों अत्याधुनिक राफेल विमान बुधवार को हरियाणा के अंबाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड हो गए. भारतीय वायुसेना ने दुनिया के दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक राफेल लड़ाकू विमान पर भरोसा जताया है.

लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच राफेल का भारत आना काफी महत्वपूर्ण घटना है. यह बहुप्रतीक्षित विमान चीन और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों से हर स्तर पर बेहतर है. राफेल 150 किलोमीटर दूर से ही हवा से हवा में मार करने और लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखता है. यह दुश्मन के इलाके में 300 किलोमीटर तक सुरक्षित रूप से टारगेट को हिट कर सकता है.

राफेल को हवाई-श्रेष्ठता और सटीक हमलों के लिए जाना जाता है. भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए राफेल देश की जरूरत है. भारत ने बेहद उन्नत एफ-16 और टाइफून जैसे लड़ाकू विमानों की तुलना में फ्रांसीसी राफेल पर विश्वास जताया है. इस विमान की लागत का करीब 30 फीसदी अकेले रडार और सेल्फ प्रोटेक्शन सिस्टम उपकरणों पर खर्च किया गया है. जिससे इसका पता लगाना और निशाना बनाना बेहद मुश्किल होगा.

चीन के लिए आश्चर्य की तरह है राफेल

चीन के पास भारत के रूसी सुखोई-30 की तकनीक से मिलता-जुलता विमान है. उन्होंने इसकी तकनीकि का अध्ययन किया होगा. लेकिन राफेल उसके लिए आश्चर्य जैसा है. भारत के राफेल के मुकाबले का चीन के पास कोई विमान नहीं है. राफेल ने कई मोर्चों पर खुद की श्रेष्ठता साबित की है. वहीं अभी तक चीन के विमानों का किसी भी मुकाबले में परीक्षण नहीं हुआ है.

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राफेल ने खुद का लीबिया, इराक और सीरिया के संघर्षों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगेंगी. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन में मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल, तीसरी है हैमर मिसाइल. 

इन मिसाइलों से लैस है राफेल

यह 150 किमी दूर लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है. बिना सीमा पार किए यह दुश्मन के विमानों को निशाना बना सकती हैं. रडार गाइडेड और ध्वनि की गति से 4 गुना ज्यादा तेज है. चीन और पाकिस्तान के पास इसके मुकाबले की कोई मिसाइल नहीं है. साथ ही राफेल में स्कैल्प मिसाइल 600 किमी दूर से अचूक निशाना लगाने में सक्षम है.

राफेल में जो हवा से हवा में और हवा से जमीन में निशाना लगाने की क्षमता है, वैसी क्षमता फिलहाल चीन और पाकिस्तान दोनों की ही वायुसेना के किसी एयरक्राफ़्ट में नहीं है. इसके कारण भारत इन दोनों देशों से कहीं आगे हो गया है. राफेल लड़ाकू विमानों का भारत में आना देश के सैन्य इतिहास में नए युग की शुरूआत है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन बहुआयामी विमानों से वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे.

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First published: 30 July 2020, 10:58 IST
 
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