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चीनी सेना: डोकलाम से पीछे न हटने पर अंज़ाम भुगतने को तैयार रहे भारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 July 2017, 13:39 IST

सिक्किम में डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच लगातार तनातनी का माहौल है. चीन की सरकार के बाद अब चीन की सेना ने भारत को डोकलाम से पीछे हटने को कहा है. ऐसा न करने पर भारत को युद्ध की धमकी दी गई है. 

चीन की सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर भारत डोकलाम में अपनी सेना को पीछे नहीं हटाता है, तो चीन अपनी सेना की संख्या को और बढ़ा देगा. उनका कहना है कि वो हर हाल में अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करेंगे, चाहे फिर उसका अंजाम जो भी हो.

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू क़ियान ने एक प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, "एक पहाड़ को हिलाना आसान है, लेकिन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को हिलाना बहुत मुश्किल. भारत किसी भ्रम में न रहे. हम हर कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे."

भारत पर सीमा उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वू कियान ने कहा भारत का चीन के इलाके में घुसना अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक गंभीर उल्लंघन है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि हम भारत से आग्रह करते हैं कि वो अपने सैनिकों को वापस बुलाए, ये समस्या को निपटने की पहली शर्त है.

क्या है डोकलाम विवाद?

डोकलाम जिसे भूटान में डोलम कहते हैं. करीब 300 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका चीन की चुंबी वैली से सटा हुआ है और सिक्किम के नाथुला दर्रे के करीब है. इसलिए इस इलाके को ट्राई जंक्शन के नाम भी जाना जाता है. ये डैगर यानी एक खंजर की तरह का भौगोलिक इलाका है, जो भारत के चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर की तरफ जाता है. चीन की चुंबी वैली का यहां आखिरी शहर है याटूंग. चीन इसी याटूंग शहर से लेकर विवादित डोलम इलाके तक सड़क बनाना चाहता है.

भूटान को सड़क से ऐतराज

चीन की सड़क बनाने की कोशिश का पहले भूटान ने विरोध जताया और फिर भारतीय सेना ने. भारतीय सैनिकों की इस इलाके में मौजूदगी से चीन हड़बड़ा गया है. चीन को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा कि जब विवाद चीन और भूटान के बीच है तो उसमें भारत सीधे तौर से दखलअंदाजी क्यों कर रहा है. पिछले महीने की 16 जून से भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है.

First published: 24 July 2017, 13:39 IST
 
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