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हिंद महासागर में चीनी खतरे को देखते हुए भारत और यूएस आए करीब

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

भारत और अमेरिका हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दखल को देखते हुए एक-दूसरे की पनडुब्बियों को ट्रैक करने के लिए आपस में सहमती बना रहे हैं.

इस संबंध में सेना के अधिकारियों का कहना है कि हिंद महासागर में बीजिंग की बढ़ती गतिविधियों के बाद यह कदम भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को और मजबूती देने में मददगार साबित हो सकता है.

भारत और अमेरिका हिंद महासागर में चीनी नौसेना की दखल को लेकर काफी चिंतित हैं. दरअसल चीनी नौसेना दक्षिण चीन सागर में अपने रुख को लेकर आक्रामक है और हिंद महासागर में भारत के प्रभाव को लगातार चुनौती दे रहा है.

भारतीय नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक, चीन की पनडुब्बियों को हिंद महासागर में हर तीन महीने में औसतन तीन से चार बार देखा जाता है. इसमें से कुछ तो भारत के अंडबार-निकोबार द्वीप समूह के बिल्कुल करीब देखी गई हैं.

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच हाल के समय में रक्षा मामलों में सहयोग बढ़ा है. दोनों देशों के बीच हाल ही में एक अहम समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामान और सैन्य अड्डों का इस्तेमाल मरम्मत और आपूर्ति के लिए कर सकेंगी.

इस मुद्दे को लेकर पिछली यूपीए सरकार के समय समझौता नहीं हो पाया था. भारत और अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा समझौते को मजबूती देते हुए अपने-अपने रक्षा विभागों और विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग स्थापित करने को राजी हुए हैं.

First published: 2 May 2016, 11:14 IST
 
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