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45वीं सालगिरह पर Google ने किया 'चिपको आंदोलन' को याद, बनाया Doodle

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2018, 10:14 IST

आज चिपको आंदोलन की 45 वीं सालगिरह हैइस मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर चिपको आंदोलन को याद किया हैइस आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के चमोली से 1970 के दशक में हुई थीइस आंदोलन की खास बात बिना हिंसा और उपद्रव के इसे सफल बनाना थाइसके द्वारा पेडो़ं को न काटने का आंदोलन चलाया गया.

क्या था चिपको आंदोलन

चिपको आंदोलन पूरे देश में जंगलों को बचाने और उनकी अंधाधुंध कटाई को रोकने के लिए किया गयाइस आंदोलन से शांति और बिना हिंसा के पेड़ों के काटने का विरोध किया गयाआंदोलन के दौरान लोग पेड़ों से चिपक या विरोध कर रहे थेचिपको आंदोलन के नाम से ही पता चलता है कि लोग पेड़ों को काटने से बचाने के लिए पेड़ों से चिपक या लिपट जाते थे.

ठेकेदारों को पेड़ों को काटने से बचाने के लिए यह आंदोलन गांधी जी की अहिंसा की नीति पर आधारित था. चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी थीं और उन्हें हम 'चिपको विमनके नाम से भी जानते हैं. इसी चिपको आंदोलन की याद दिलाने के लिए गूगल ने डूडल बनाकर चिपको आंदोलन को सम्मान दिया.
गूगल के इस डूडल को सव्भू कोहली और विप्लव सिंह ने बनाया हैजिसमें एक पेड़ के चारों तरफ महिलाओं को एक-दूजे का हाथ पकड़कर घेरा बनाए हुए देखा जा सकता है.

कैसे हुई चिपको आंदोलन की शुरुआत

चिपको आंदोलन को जंगलों की कटाई के खिलाफ चलाया गयालोग पेड़ों को बचाने के लिए उनसे लिपट जाते थे. इसलिए इसका नाम चिपको आंदोलन पड़ा. इसकी शुरुआत 1974 में गौरी देवी ने की. गौरा देवी को लोग चिपको वूमन के नाम से भी जानते हैं.

इस आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के चमोली जिले से हुई थीउस समय चमोली उत्तर प्रदेश में पड़ता थाउस दौरान अलकनंदा घाटी के मंडल गांव में लोगों ने यह आंदोलन शुरू किया. 1973 में वन विभाग के ठेकेदारों ने जंगलों के पेड़ों की कटाई शुरू कर दी थी और तभी चिपको आंदोलन ने जन्म लिया. इसके बाद राज्य के सभी पहाड़ी जिलों में यह आंदोलन फैल गया.

चिपको आंदोलन में पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट और उनकी संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य संघ का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इस आंदोलन में गौरा देवी के अलावा धूम सिंह नेगीबचनी देवी और सुदेशा देवी ने भी भाग लिया. सुंदरलाल बहुगुणा ने भी इस आंदोलन को दिशा दी और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अपील की. इसके बाद पेड़ों के काटने पर रोक लगा दी गई.

First published: 26 March 2018, 10:14 IST
 
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