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हमारा गांव, गांव रहने दें, नहीं चाहिए IIT कैंपस

निहार गोखले | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(सजाद मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • इस साल गोवा में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान की शुरुआत हो गई. मगर आईआईटी का स्थाई कैंपस जिस गांव में बनाया जाना था, वहां के बाशिंदों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. 
  • साउथ गोवा के पोलेम गांव में 26 अक्टूबर को ग्राम सभा की बैठक भी बुलाई गई और कैंपस के लिए गांव की ज़मीन नहीं देने का फ़ैसला किया. 

ग्राम सभा की इस बैठक में 9 पंच और 5 सौ गांववाले मौजूद थे. यहां छह सूत्रीय प्रस्ताव पास किया गया जिसका समर्थन ग्राम पंचायत के 7 सदस्यों ने किया. बाकी दो सदस्यों में से गैरहाज़िर रहे जबकि नौवें सदस्य भूषण प्रभुगांवकर, जो सरपंच भी हैं, ने प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया. भूषण इस पक्ष में हैं कि गांव में आईआईटी का कैंपस बनाया जाना चाहिए. 

लोलियम-पोलेम गांव में परमानेंट कैंपस बनाए जाने की इजाज़त आईआईटी प्रोफेसरों की एक कमेटी और मानव संसाधन मंत्रालय के अफ़सरों ने दी थी. इस बीच अगस्त 2016 से टेंपररी परिसर में कक्षाएं भी लगना शुरू हो गईं. 

गांववालों का कहना है कि जहां आईआईटी का कैंपस प्रस्तावित है, वह एक महत्वपूर्ण पठार है और कृषि संसाधनों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण भी. आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने की ज़रूरत है ना कि ख़त्म करने की. गांववालों ने दूसरी यह आशंका ज़ाहिर की है कि कैंपस बनते ही यहां रियल एस्टेट कंपनियां हरकत में आ जाएंगी. 

पानी का संकट

लोलियम के डेनिस फर्नांडीज इस मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं. कैच न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, 'आईआईटी को भूल जाइए. पठार पर कोई परियोजना विकसित नहीं आ सकती'. फर्नांडीज के मुताबिक 27 अक्टूबर को आईआईटी और गोवा तकनीकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा किया है. उन्होंने कुछ पंच सदस्यों और ग्रामीणों को यह समझाने की कोशिश की है कि आईआईटी बनने से कितने फायदे होंगे. 

फर्नांडीज कहते हैं कि मगर फायदे गिनवाने के बाद जब हमने उनसे सवाल किया तो जवाब नहीं मिला. उन्होंने हमसे कहा कि गांव में पानी के संकट से बचने के लिए दो टंकियां बनवाई जाएंगी. मगर वे यह नहीं बता पाए कि टंकी में पानी कहां से लाएंगे. यह आज मुमकिन है लेकिन 25 साल बाद शायद पानी नहीं मिल पाए. फर्नांडीज ने कहा कि हम अपनी अगली पीढ़ियों के लिए लड़ रहे हैं. माना जा रहा है कि गोवा सरकार ग्राम सभा के प्रस्ताव के खिलाफ पंचायत निदेशक की अदालत में अपील कर सकती है.

टेंपररी कैंपस

गोवा के तकनीकि शिक्षा के निदेशक विवेक बी. कामत कहते हैं कि इस पर कुछ कहना जल्दबाजी ही होगी. फिलहाल आईआईटी गोवा का अस्थाई परिसर गोवा इंजीनियरिंग कालेज में चल रहा है. गोवा इंजीनियरिंग कालेज में ही नेशनल

इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोवा भी साल 2011 से चल रहा है. इससे पहले एनआईटी का भी परमानेंट कैंपस लोलियम में प्रस्तावित था लेकिन गांववालों के विरोध के चलते सरकार पीछे हट गई थी. अब आईआईटी का भविष्य क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में है.

First published: 29 October 2016, 8:13 IST
 
निहार गोखले @nihargokhale

संवाददाता, कैच न्यूज़. जल, जंगल, पर्यावरण समेत नीतिगत विषयों पर लिखते हैं.

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