Home » इंडिया » CJI-designate Ranjan Gogoi says he has a plan to tackle judicial backlog
 

नए CJI रंजन गोगोई के पास है देश की अदालतों में पेंडिंग मामलों से निपटने का प्लान

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 September 2018, 12:30 IST

3 अक्टूबर को देश के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने जा रहे न्यायमूर्ति रंजन गोगोई का कहना है कि देश की अदालतों में पेंडिंग पड़े मामलों से निपटने के लिए उनके पास प्लान है. नई दिल्ली में यूथ बार असोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में न्यायमूर्ति गोगोई बोल रहे थे.

गोगोई ने कहा, "लापरवाही बहुत बदनाम कर रही है. एक आपराधिक मामले में आरोपी ने सजा सुनाने के बाद अदालत सुनवाई कर रही है. मुख्य न्यायधीश ने युवा वकीलों से प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अपनी योजना सामने रखने का आग्रह किया.

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा जो मंगलवार को सेवानिवृत्त होंगे. इससे पहले जनवरी में गोगोई सहित चार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों जस्ती चेलेश्वर, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाये थे.

देश की अदालतों में पेंडिंग पड़े मामलों को लेकर इस साल जून में सीजेआई दीपक मिश्रा ने सभी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा था. राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड के आंकड़ों की माने तो देश की अदलतों में लंबित मामलों की संख्या का स्तर 33 मिलियन को छूने के करीब है.

इन 33 मिलियन मामलों में अधीनस्थ अदालतों में 27.8 मिलियन मामले लंबित थे. देश भर में 24 उच्च न्यायालयों में बैकलॉग 4.3 मिलियन था. सुप्रीम कोर्ट में 57,000 से अधिक मामलों में लापरवाही बरती गई.

सभी लंबित मामलों में से 60% दो साल से अधिक पुराने हैं, जबकि 40% पांच वर्ष से अधिक पुराने है. राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के अनुसार उत्तर प्रदेश में 6.158 मिलियन मामलों में सबसे पेंडिंग थे. सबसे कम लापरवाही जम्मू-कश्मीर की उच्च न्यायालय में मिली जहां 148,000 मामले पेंडिंग थे.

ये भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- अगर बदला बयान तो रेप पीड़िता के खिलाफ भी चलेगा मुकदमा

First published: 30 September 2018, 11:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी