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CJI महाभियोग: SC ने कांग्रेस की याचिका को किया खारिज, उप-राष्ट्रपति के फैसले को दी थी चुनौती

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 May 2018, 12:11 IST

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उप-राष्ट्रपति द्वारा CJI के महाभियोग प्रस्ताव को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी. कांग्रेस के दो राज्यसभा सदस्यों प्रताप सिंह बाजवा और अमी हर्षदराय याजनिक ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग को उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू द्वारा अस्वीकार किये जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति ए के सिकरी, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. इस याचिका को उन न्यायाधीशों के सामने सूचीबद्ध नहीं किया गया जो वरिष्ठता के क्रम में दूसरे से पांचवें स्थान पर हैं. ये न्यायाधीश जे चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकूर और कुरियन जोसेफ हैं.

दरअसल, पेंच तो पहले यही था कि चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग का मामला है, लिहाजा वो तो इसे सुन नहीं सकते. इसके बाद वरिष्ठता क्रम में नंबर दो यानी जस्टिस चेलमेश्वर, नंबर तीन जस्टिस रंजन गोगोई, नंबर चार जस्टिस मदन बी लोकुर और नंबर पांच जस्टिस कुरियन जोसफ ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीफ जस्टिस के खिलाफ अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए थे.

इस वजह से वो सभी इस मामले में पक्षकार बन चुके हैं. ऐसे में नंबर छह न्यायमूर्ति ए के सिकरी, नंबर सात न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, नंबर आठ न्यायमूर्ति एन वी रमण, नंबर नौ न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और नंबर दस न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल से ही बात शुरू हुई. 

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल ने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के समक्ष तत्काल इस याचिका पर सुनवाई के लिए याचिका पेश की थी. कपिल सिब्बल का कहना था कि चूंकि महाभियोग नोटिस प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ था इसलिए कोई भी वरिष्ठतम न्यायाधीश याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दे सकता है.

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हालांकि न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कहा था कि मास्टर ऑफ रोस्टर के संबंध में संविधान पीठ ने फैसला दिया है, ऐसे में याचिका प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के समक्ष रखी जानी चाहिए. 

First published: 8 May 2018, 11:56 IST
 
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