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'राजा भइया' को बड़ा झटका, दोबारा खुली कुण्डा काण्ड की फाइल

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2016, 14:27 IST
QUICK PILL
  • राजा भैया और उनके समर्थकों पर आरोप है कि मार्च 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का विरोध कर रहे नेताओं और प्रदर्शनकारियों की पिटाई करवाई गई थी.

सूबे के कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को अदालत से बड़ा झटका लगा है. कुण्डा के एक मुकदमें की फाइल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोबारा खोलने का आदेश दिया है. इस मुकदमें में पुलिस ने राजा भइया समेत नामजद आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए एफआर लगा दिया था. कोर्ट ने दूसरे पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कुण्डा कोतवाल को नए सिरे से विवेचना करने का आदेश दिया है.

वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी ने इसे कोर्ट का मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है. उन्होंने कहा, 'जांच का आदेश कोर्ट ने दिया है, इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है.'

मामला साल 2005 में बसपा कार्यकर्ताओं पर हमला व उनकी पिटाई करने का है. इस मामले में पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए पुलिस मुकदमे में एफआर लगा कर बन्द कर दिया था. दूसरा पक्ष इसको लेकर लगातार कोर्ट में लड़ाई लड़ रहा था. उसी की दलीलों के बाद कोर्ट ने एफआईआर की दोबारा विवेचना का आदेश जारी किया है.

बसपा नेताओं और प्रदर्शनकारियों की पिटाई का मामला

पूर्व बसपा नेता शिव प्रकाश सेनानी ने कुंडा कोतवाली में 31 मार्च 2005 को कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पीड़ित बसपा नेता का आरोप था कि इलाहाबाद के तत्कालीन बसपा नेता विधायक राजू पाल की हत्या से आक्रोशित बसपाइयों ने एस डी एम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर सपा सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे थे.

आरोप है कि उसी दौरान राजा भैया के 25 समर्थकों ने जो की असलहे से लैस थे, उन्होंने धरने पर बैठे लोगों पर हमला कर दिया. प्रदर्शन कर रहे पूर्व बसपा अध्यक्ष महेंद्र बौद्ध, संतोष पाण्डेय, सीताराम, नाथूराम, राकेश पाण्डेय को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था.

कुंडा कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच कर 22 मार्च 2006 को एफआर लगाकर न्यायालय भेज दिया था. पीड़ित पक्ष को जब जानकारी हुयी तो वादी के वकील ने अपनी पीड़ा सीजेएम कोर्ट को सुनाई. अदालत ने पीड़ित के वकील की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने कुंडा कोतवाल को पूरे मामले की नए सिरे से विवेचना करने को कहा है.

First published: 6 October 2016, 14:27 IST
 
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