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गंगा सफाई के लिए बनाए गए 'क्लीन गंगा फंड' में जनता ने नहीं दिए पैसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 October 2018, 12:37 IST

मोदी सरकार एक सत्ता में आने के बाद से ही गंगा सफाई अभियान का जोर-शोर से प्रचार चल रहा है. इसके लिए सरकार ने 2015 में एक स्वच्छ गंगा निधि का निर्माण किया था. सरकार ने इस फंड को गंगा सफाई में लगने वाली राशि को जुटाने के लिए बनाया था. लेकिन इस फंड (Clean Ganga Fund) में अभी तक आने वाला 86 प्रतिशत आर्थिक योगदान सरकारी संस्थाओं ने ही केिया है.

इस बात का खुलासा एक आरटीआई के जवाब में हुआ. द इंडियन एक्‍सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, सूचना के अधिकार के तहत या जानकारी मिली है कि इस फंड में एनआरआई और भारतीय मूल के व्‍यक्तियों (PIO) से मिला अंशदान कुल जमा रकम के दो प्रतिशत से भी कम है. वहीं बात अगर जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की करें तो इन विभागों से मिले दस्‍तावेजों से बात सामने आती है कि 2015-16, 2016-17, 2017-18 और 2018-19 (30 सितंबर तक) में सरकारी विभागों, अन्य सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों अब तक स्‍वच्‍छ गंगा निधि के लिए कुल 163.49 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. और जमा ये राशि कुल रकम का 86.42 प्रतिशत है.

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दस्‍तावेजों के मुताबिक, 2015 से 2018 तक जमा राशि में ”निजी संगठनों” से 19.54 करोड़ रुपये का सहयोग मिला है जो कि कुल जमा राशि का 10.32 प्रतिशत है. वहीं एनआरआई और भारतीय मूल के व्‍यक्तियों से इस बीच 3.76 करोड़ रुपये मिले हैं. वहीं इस फंड में ”व्‍यक्तिगत” श्रेणी के तहत 2.37 करोड़ रुपये मिले जो पूरी जमा राशि का 1.25 प्रतिशत है. RTI से मिली जानकारी के अनुसार स्‍वच्‍छ गंगा निधि में अभी 234.98 करोड़ रुपये जमा हैं.

First published: 23 October 2018, 12:37 IST
 
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