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देश पर भयंकर आपदा आने के दिख रहे हैं संकेत, दूध- गेहूं और चावल के लिए तरस जाएगा भारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2019, 15:09 IST

देश में अगले कुछ सालों में भयंकर आपदा आ सकती है. क्लाइमेट चेंज रिपोर्ट के अनुसार, देश दूध, गेहूं और चावल के लिए तरस सकता है. जिससे भारत के भयंकर भुखमरी के चपेट में आने के संकेत मिल रहे हैं. अगर जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत सजग नहीं हुआ तो आने वाला वक्त महंगा साबित हो सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2050 तक फल-सब्जियों के अलावा दूध के लिए भी तरस जाएगा. जिसके बाद देश में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. यह बात पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आई है. बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली समिति ने इस रिपोर्ट को संसद में पेश किया है.

रिपोर्ट में कहा गया, "दूध के उत्पादन को लेकर यदि नहीं संभले तो इसका असर 2020 तक दिखने लगेगा. दूध के उत्पादन में 1.6 मीट्रिक टन की कमी आ सकती है. इसके अलावा चावल समेत कई फसलों के उत्पादन में कमी और किसानों की आजीविका पर इसका असर दिखाई देगा."

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रिपोर्ट में कहा गया, "2020 तक चावल के उत्पादन में 4 से 6 फीसदी, आलू में 11, मक्का में 18, सरसों में 2 फीसदी तक कमी आ सकती है. वहीं, सबसे बुरा असर गेंहू की उपज पर होगा. अनुमान है कि गेहूं की उपज 60 लाख टन तक गिरेगी."

रिपोर्ट में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन की वजह से सेब की खेती समुद्र तल से 2500 फीट की ऊंचाई पर करनी होगी. खेती 1230 मीटर की ऊंचाई पर होती है. आने वाले वक्त में यहां गर्मी बढ़ने से सेब के बाग सूख जाएंगे और खेती ऊंचाई वाली जगह पर स्थानांतरित करनी पड़ेगी.

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रिपोर्ट में बताया गया कि दूध के उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में देखने को मिलेगी. इन राज्यों में गर्मी तेजी से बढ़ेगी जिससे पानी की कमी होगी और जिसका असर पशु उत्पादकता पर पड़ेगा.

First published: 21 January 2019, 15:10 IST
 
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