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यूपी: एक दिन में दो मंत्री नपे, राजकिशोर सिंह और गायत्री प्रजापति पर गाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 September 2016, 13:29 IST
(फाइल फोटो)

यूपी की सियासत में सोमवार की शुरुआत अखिलेश यादव मंत्रिपरिषद में उथल-पुथल के साथ हुई है. सीएम ने अखिलेश यादव ने एक ही दिन में अपने दो मंत्रियों पर गाज गिराई है.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पंचायती राज मंत्री राजकिशोर सिंह और खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को मंत्रिपरिषद से हटा दिया है. राजकिशोर सिंह के पास कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी थी. बताया जा रहा है कि जमीन हड़पने के मामले में राजकिशोर सिंह पर कार्रवाई हुई है.

इसके अलावा खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी अवैध खनन के मामले को लेकर हुई है. जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध खनन मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इसके बाद से माना जा रहा था कि प्रजापति पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.

कौन हैं राजकिशोर सिंह?

राजकिशोर सिंह बस्ती जिले की हर्रैया विधानसभा सीट से जीतते रहे हैं. इससे पहले वो बहुजन समाज पार्टी में भी रह चुके हैं. इसी साल फरवरी में पशुधन विभाग के साथ ही राजकिशोर सिंह को पंचायती राज विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

राजकिशोर के भाई बृजकिशोर सिंह डिंपल को भी राज्य सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था. एमएलसी चुनाव में टिकट कटने के बाद असंतोष को टालने की कवायद के तहत इसे देखा गया था. लेकिन अब राजकिशोर सिंह पर ही गाज गिर गई है. सीएम अखिलेश यादव ने उन्हें हटाने के लिए राज्यपाल को चिट्ठी लिखी है.

राजपूत बिरादरी से आने वाले राजकिशोर सिंह बसपा की पिछली सरकार में उद्यान मंत्री रह चुके हैं.

खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर अवैैध खनन को लेकर गाज गिरी है. (पत्रिका)

खनन मंत्री गायत्री प्रजापति बर्खास्त

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर प्रजापति को बर्खास्त करने को कहा है. इससे पहले विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर खनन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है.

बर्खास्त कोयला एवं खनन मंत्री गायत्री प्रजापति पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश सरकार का यह कदम छवि सुधारने की कवायद माना जा रहा है.

गायत्री प्रजापति को समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है. बलराम यादव के बाद अब गायत्री प्रजापति पर कार्रवाई से सपा की अंदरूनी कलह फिर उभर सकती है.

20 जुलाई को सीबीआई जांच का आदेश

गायत्री प्रजापति अमेठी सीट से विधायक हैं. उन्होंने कांग्रेस नेता संजय सिंह की पत्नी अमिता मोदी को हराकर 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी.

20 जुलाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में अवैध खनन को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. उसके बाद से ही गायत्री प्रजापति पर कार्रवाई का अंदेशा जताया जा रहा था.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर की मुहिम

आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने भी गायत्री प्रजापति के खिलाफ मुहिम चलाई थी. अमिताभ ठाकुर ने पिॆछले साल खनन मंत्री प्रजापति पर उन्हें रेप के एक झूठ मामले में फंसाने का आरोप लगाया था.

आईपीएस की पत्नी नूतन का आरोप था कि लोकायुक्त में प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कराने की वजह से मंत्री ने उनके खिलाफ साजिश रची.

सपा सुप्रीमो की कथित धमकी वाला टेप

नूतन ठाकुर ने साथ ही आरोप लगाया था कि मंत्री गायत्री प्रजापति, राज्य महिला आयोग और पुलिस की मदद से उनके पति को रेप सहित फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है.

अमिताभ ठाकुर का यह भी आरोप है कि गायत्री प्रजापति के मामले में सपा सुप्रीमो ने उन्हें सुधर जाने की धमकी दी थी. इस कथित धमकी का ऑडियो टेप भी सामने आया था. इस मामले में लखनऊ की कोर्ट ने मुलायम सिंह को क्लीन चिट देने की पुलिस की रिपोर्ट खारिज कर दी थी.

First published: 12 September 2016, 13:29 IST
 
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