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उत्तराखंड: विधायकों के 'खरीद-फरोख्त' वाली स्टिंग में दिखे सीएम हरीश रावत

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2016, 14:09 IST

उत्तराखंड में जारी राजनैतिक संकट के बीच कांग्रेस के बागी विधायकों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के नेतृत्व में शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग जारी किया है.

स्टिंग में सीएम रावत कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए रिश्वत की पेशकश पर किसी से बात करते हुए नजर आ रहे हैं.

मीडिया में स्टिंग ऑपरेशन जारी होने के कुछ देर बाद ही मुख्यमंत्री रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी छवि बिगाड़ने के लिए ऐसी कोशिशें की जा रही हैं.

उत्तराखंड: राज्यपाल विवाद में, रावत दबाव में

रावत ने खुद के स्टिंग ऑपरेशन को झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर की जा रही है.

उन्होंने कहा कि सामने आई सीडी झूठ और बेबुनियाद है. जो लोग इसके पीछे बताए जा रहे हैं उनकी छवि किसी से छुपी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर सीडी सही हुआ तो मैं सार्वजनिक तौर पर सबसे माफी मांग लूंगा.

'बागी विधायकों को जान का खतरा'

शनिवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन की सीडी जारी की, जिसमें पैसों के लेनदेन की बातचीत हो रही है.

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के बागी नौ विधायकों के अलावा बीजेपी के विधायकों को भी खरीदने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों को धमकाया जा रहा है. रावत ने सभी विधायकों की जान पर खतरे की बात कहते हुए केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की.

हरक सिंह रावत ने बताया कि स्टिंग 23 मार्च को जौलिग्रांट में किया गया था. उन्होंने कहा कि न्यूज चैनल से ही उन्हें स्टिंग का टेप मिला है. उन्होंने स्टिंग का टेप राज्यपाल केके पॉल को भेजकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की है.

28 मार्च को बहुमत साबित करना होगा

राज्यपाल केके पॉल ने रावत सरकार को 28 मार्च तक सदन में बहुमत साबित करने का समय दिया है. वहीं विधानसभा स्पीकर ने बागी कांग्रेस विधायकों को 26 मार्च शाम तक नोटिस का जवाब देने को कहा है, जिसमें पूछा गया है कि क्यों ना दल बदल क़ानून के तहत उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए.

उत्तराखंड विधानसभा में एक नामांकित सदस्य समेत 71 विधायक हैं. कांग्रेस के 36 विधायकों में से 9 बागी हो चुके हैं. इसके अलावा बीजेपी के पास 28, बीएसपी के दो, निर्दलीय तीन और उत्तराखंड क्रांति दल का एक विधायक है.

अगर स्पीकर ने बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी तो कांग्रेस अन्य छह विधायकों से समर्थन से सरकार बचाने की कोशिश करेगी.

First published: 26 March 2016, 14:09 IST
 
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