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ममता के प्रिय जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क को नहीं मिल रहे निजी निवेशक

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 23 September 2016, 7:21 IST
QUICK PILL
  • इस पार्क का निर्माण कार्य 2013 में शुरू हो गया था और अब दिसम्बर 2016 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका उद्घाटन करेंगी. इसकी अनुमानित लागत 66 करोड़ रूप्ए बताई जा रही है.
  • राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने कहा, अगर ज्वैलरी हब बनता है तो हर साल करीब एक लाख रोजगारों का सृजन होगा.
  • जूट, चमड़ा या ज्वैलरी सेक्टर में बंगाल में निवेश पर फिलहाल निजी निवेशकों ने कोई सहमति नहीं दी है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने अनुकुरहाति, हावड़ा में जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क स्थापित करने का फैसला किया है. यह एलान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जर्मनी यात्रा के वक्त किया गया था, जहां वे राज्य में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं तलाश रही थीं. ममता का दावा था कि ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए निवेश लाने के अलावा राज्य में जूट, चमड़े और आभूषण उद्योग को भी काफी महत्व दिया जा रहा है.

हावड़ा के आठ एकड़ के इस ज्वैलरी पार्क में अर्द्ध कुशल कामगरों को प्रशिक्षण देने के लिए निजी क्षेत्र के महारथियोें को आमंत्रित किए जाने की उम्मीद है. इस पार्क का निर्माण कार्य 2013 में शुरू हो गया था और अब दिसम्बर 2016 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका उद्घाटन करेंगी. इसकी अनुमानित लागत 66 करोड़ रूप्ए बताई जा रही है.

हालांकि जूट, चमड़ा या ज्वैलरी सेक्टर में बंगाल में निवेश पर फिलहाल निजी निवेशकों ने कोई सहमति नहीं दी है लेकिन टाटा समूह पहले ही अर्द्ध कुशल कामगारों को प्रशिक्षित कर अपनी विभिन्न परियोजनाओं में भर्ती करने में दिलचस्पी दिखा चुका है. कुशल, अर्द्ध कुशल कामगरों का प्रशिक्षण नवम्बर और उसके बाद शुरू होगा.

हर चीज जो चमकती है

इन सबके अलावा जेम्स एंड ज्वैलरी स्किल काउन्सिल ऑफ इंडिया (जीजेएससीआई) की बंगाल कौशल परामर्श समिति भी जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क में भर्ती किए जाने वाले कारीगरों को प्रशिक्षित करेगी. राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने कहा, अगर ज्वैलरी हब बनता है तो हर साल करीब एक लाख रोजगारों का सृजन होगा.

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, अब तक निजी क्षेत्र का कोई उद्योग ज्वैलरी हब में अपनी इकाई लगाने आगे नहीं आया है. इसलिए राज्य सरकार इस साल होने वाले बंगाल व्यावसायिक शिखर सम्मेलन में दोबारा निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास करेगी.

जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के परियोजना प्रभारी सोमनाथ चक्रबर्ती ने कहा, सोने और रत्नों की दुकानों के अलावा ज्वैलरी पार्क और सोना निर्माण इकाइयां भी लगाई जाएंगी और जाने-माने आभूषण व्यापारियों से अपील की जाएगी कि वे यहां पार्क में अपने प्रतिष्ठान खोलें. ज्वैलरी हब पार्क में सोने की 30,000 दुकानों के बनाए जाने की क्षमता है.

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दूसरे सेक्टर, खास तौर पर चमड़ा उद्योग में निवेशकों से निवेश करने की बात की है लेकिन अब तक उन्होंने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क की प्रस्तावित साइट अंकुरहाति, डॉमजुर, हावड़ा में है. यह परियोजना डोमजुर के जेम्स एंड ज्वैलरी क्लस्टर के निकट स्थित है, जो कि एनएच-2 और एनएच-6 के काफी करीब है।

ज्वैलरी हब पार्क में सोने की 30,000 दुकानों के बनाए जाने की क्षमता है.

राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने घोषणा की है कि पार्क में दो मानक डिजाइन वाली (जी$5) फैक्ट्री इमारतें भी होंगी. यह परियोजना पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख सोना निर्माता क्लस्टर के अंतर्गत आती है.

परियोजना स्थल ऐसी जगह है, जहां कोलकाता से आसानी से पहुंचा जा सकता है. और यहां कुशल व अर्द्ध कुशल कामगरों की संख्या भी काफी है। इससे इस परियोजना के प्रति उम्मीद काफी बढ़ जाती है.

अर्थव्यवस्था

राजनीतिक विश्लेषकों और अर्थ शास्त्रियों का मानना है कि जैम्स और ज्वैलरी पार्क बनाना ही काफी नहीं है, राज्य सरकार को उद्योगपतियों को निवेश के लिए रिझाने को उन्हें कुछ लाभ के ऑफर भी देने चाहिए.

विख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर अमियो मुखर्जी ने कहा 'हमें ऐसे क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है, जहां उद्योगपति पार्क या बनने से पहले ही निवेश करने के इच्छुक हों.'

अर्थशास्त्री प्रोफेसर अविरुप सरकार ने कहा, 'मुझे उम्मीद है बंगाल में कुछ न कुछ सकारात्मक विकास होगा. साथ ही कहा कि आगे कुछ भी कहने के लिए वे प्रतीक्षा करेंगे.

विपक्ष का मत

सीपीआई (एम) नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा,'पिछले पांच सालों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया है लेकिन इन परियोजनाओं ने बंगाल के औद्योगिक विकास में कोई खास योगदान नहीं दिया. फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ज्वैलरी हब से जनता को काई फायदा होगा या नहीं.'

First published: 23 September 2016, 7:21 IST
 
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