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कोयला घोटाला: झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा की सजा पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2018, 16:13 IST

झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा को कोयला घोटाले में दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा उन्हें सुनाई गई सजा को स्थगित कर दिया है. इसी के साथ मधु कोड़ा पर जो जुर्माना सीबीआई कोर्ट द्वारा लगाया गया था उस पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. इस मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी.

सीबीआई की विशेष अदालत ने 16 दिंसबर को मधु कोड़ा को कोयला घोटाले के एक मामले में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा कोर्ट ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. हालांकि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा सहित अन्य आरोपियों को दो महीने की सशर्त ज़मानत दे दी थी. इसके बाद मधु कोड़ा ने दिल्ली हाइकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की है.

ये है मामला

मधु कोड़ा को साल 2007 में झारखंड के एक कोयला खदान के आवंटन में हुई गड़बड़ी के मामले में सजा मिली है. कोड़ा पर पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कोलकाता की कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (विसुल) को गलत तरीके से राजहरा नॉर्थ कोल ब्लॉक आवंटित करने का आरोप है. दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने इन लोगों को सेक्शन-120 बी, 420 और धारा 409 के तहत दोषी करार दिया.

सीबीआई ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने विनी आयरन और स्टील उद्योग लिमिटेड (VISUL) को कोयला खंड आवंटन करने की अनुशंसा नहीं दी थी. बल्कि 36वीं स्क्रींनिग कमेटी ने आरोपित कंपनी को खंड आवंटित करने की सिफारिश की थी. इसी आधार पर मधु कोड़ा ने ये कोयला खदान वसुल को दे दी. वसुल पर कोर्ट ने 50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है.

सीबीआई ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने विनी आयरन और स्टील उद्योग लिमिटेड (VISUL) को कोयला खंड आवंटन करने की अनुशंसा नहीं दी थी. बल्कि 36वीं स्क्रींनिग कमेटी ने आरोपित कंपनी को खंड आवंटित करने की सिफारिश की थी. इसी आधार पर मधु कोड़ा ने ये कोयला खदान वसुल को दे दी. वसुल पर कोर्ट ने 50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है.

गौरतलब है कि मधु कोड़ा ने साल 2006 में झारखंड का सीएम पद संंभाला था. कोड़ा जब सीएम बने थे तो वो निर्दलीय विधायक थे. सितंबर 2006 में भाजपा की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए गठबंधन ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था. कोड़ा 23 अगस्त 2008 तक इस पद पर रहे. वे देश के तीसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो निर्दलीय होने के बावजूद सीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं

First published: 2 January 2018, 16:13 IST
 
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